सेन्ट्रल जेल में आजीवन कारावास के बंदी नें फांसी लगाकर दी जान

Feb 13, 2026 - 20:30
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सेन्ट्रल जेल में आजीवन कारावास के बंदी नें फांसी लगाकर दी जान

सेन्ट्रल जेल में आजीवन कारावास के बंदी नें फांसी लगाकर दी जान

फर्रुखाबाद। केंद्रीय कारागार फतेहगढ़ के आजीवन कारावास की सजा काट रहे बंदी ने तनाव में आकर फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर दी| मामले की सूचना आलाधिकारियों को दी गयी | थाना मेरापुर के ग्राम सिलसिंडा निवासी 39 वर्षीय प्रभाकर उर्फ प्रभात पुत्र रामकुमार राजपूत कों नाबालिक से दुष्कर्म में पास्को अधिनियम के तहत आजीवन कारावास की सजा दी गयी थी, 24 मई 2024 कों बंदी प्रभात कों सेन्ट्रल जेल में निरुद्ध किया गया था, | मिली जानकारी के मुताबिक बंदी प्रभात की दरी कार खाने में दरी बनाने में डियूटी लगा थी, उसी दौरान दोपहर लगभग 3:15 बजे बंदी प्रभात नें दरी कारखानें के निकट पुराने भवन में लोहे की राड में गमछे से फांसी लगाकर आत्महत्या करनें का प्रयास किया।

आनन फानन में जेल कर्मियों नें उसे उतार कर जेल चिकित्सालय में भर्ती कराया जहां से उसे लोहिया अस्पताल में लाया गया, लोहिया में बंदी प्रभात कों मृत घोषित कर दिया, बंदी का शव लोहिया की मोर्चारी में रखा दिया गया | सेन्ट्रल जेल के वरिष्ठ अधीक्षक आशीष तिवारी नें बताया की बंदी प्रभात नें फांसी लगा ली हैँ, जिससे उसकी मौत हो गयी हैँ, मामले की जाँच कराकर यदि कोई दोषी हुआ तो कार्यवाही होंगी |