कागज़ों में गिरा अवैध मकान, ज़मीन पर खड़ा रहा ढांचा

Jan 6, 2026 - 10:51
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कागज़ों में गिरा अवैध मकान, ज़मीन पर खड़ा रहा ढांचा

कागज़ों में गिरा अवैध मकान, ज़मीन पर खड़ा रहा ढांचा

मीडिया में बुलडोज़र, मौके पर सिर्फ मिट्टी — सबसे बड़ा प्रशासनिक ड्रामा उजागर

नारेन्द्र यादव संवाददाता

 प्रयागराज। सार्वजनिक रास्ते से अवैध निर्माण हटाने को लेकर प्रशासन द्वारा की गई कथित बुलडोज़र कार्रवाई अब पूरी तरह सवालों के घेरे में आ गई है। जिस मकान को मीडिया में “ध्वस्त” बताकर प्रशासन ने वाहवाही लूटी, वह मकान आज भी पूरी मजबूती के साथ खड़ा है। हैरान करने वाली बात यह है कि अब तक उस निर्माण की एक भी ईंट नहीं गिराई गई। सोमवार को जब मौके पर वीडियो और फोटो के साथ वास्तविक स्थिति देखी गई, तो सच्चाई सामने आ गई। मकान जस का तस मौजूद है और कार्रवाई के नाम पर केवल मिट्टी हटाकर इधर-उधर गिराई गई है, जिससे फोटो और वीडियो में ध्वस्तीकरण का भ्रम पैदा किया जा सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई सिर्फ कागज़ों और कैमरों तक सीमित रही। पहले अधिकारियों की मौजूदगी दिखाकर अखबारों और पोर्टलों में खबरें छपवाई गईं, फिर कार्रवाई पूरी होने का दावा कर दिया गया, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है।

जिस अवैध मकान को हटाने की बात कही गई, उसकी दीवारें, पिलर और छत पूरी तरह सुरक्षित हैं। रास्ता अब भी बाधित है और लोगों को आवागमन में परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने वास्तविक कार्रवाई करने के बजाय केवल फोटो सेशन कराकर मामला निपटा दिया। सोमवार को सामने आए वीडियो और तस्वीरें साफ दिखा रही हैं कि बुलडोज़र मकान पर नहीं, बल्कि केवल मिट्टी पर चला। अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह कार्रवाई जनता और मीडिया को गुमराह करने के लिए की गई, क्या यह बुलडोज़र नहीं बल्कि कैमरा कार्रवाई थी और क्या इस पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई जवाबदेही तय होगी। फिलहाल यह मामला प्रशासनिक सख्ती नहीं, बल्कि दिखावे और कागज़ी कार्रवाई का उदाहरण बनकर सामने आया है।