अखिलेश यादव ने मतदाता सूची प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाए, ड्राफ्ट रोल प्रकाशन स्थगित करने की मांग
अखिलेश यादव ने मतदाता सूची प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाए, ड्राफ्ट रोल प्रकाशन स्थगित करने की मांग
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया में व्यापक गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए सभी विपक्षी दलों एवं एनडीए के सहयोगी दलों से एकजुट होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में हेरफेर “लोकतंत्र के साथ धोखाधड़ी” है और इसका विरोध करना हर नागरिक का कर्तव्य है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा “वोट काटने के महाषड्यंत्र” में जुटी है। उनके अनुसार, “जो दल भाजपा के सहयोगी हैं, सबसे पहले भाजपा उन्हीं का ख़ात्मा करेगी।” उन्होंने दावा किया कि यदि ऐसी कार्रवाई नहीं रोकी गई, तो भविष्य में नागरिकों की जमीन, मकान, राशन, जाति प्रमाणपत्र, आरक्षण और बैंक खातों तक प्रभावित किए जा सकते हैं।
■ बीएलओ पर दबाव डालने के आरोप
सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई जिलों में जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा बीएलओ को मतदाता गणना प्रपत्र थर्ड ऑप्शन में सबमिट करने का दबाव दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे 9 दिसंबर 2025 को ड्राफ्ट रोल जारी होने पर करोड़ों मतदाताओं को नोटिस जारी होंगे और दस्तावेज़ों की जांच के नाम पर उनके नाम अंतिम मतदाता सूची से हट सकते हैं।
■ ड्राफ्ट रोल प्रकाशन टालने की मांग
अखिलेश यादव ने 9 दिसंबर 2025 को प्रस्तावित मतदाता सूची (ड्राफ्ट रोल) के प्रकाशन को तीन महीने आगे बढ़ाने और नए सिरे से नियमानुसार गणना प्रपत्र भरवाने की मांग की है। उनके अनुसार, वर्तमान प्रक्रिया में गंभीर कमियाँ हैं, जिनका समाधान आवश्यक है।
■ चुनाव व्यवस्था पर बड़ा आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि “भाजपा, उसके सहयोगी और भाजपा सरकार की तिकड़ी, तथा चुनाव आयोग में मौजूद कुछ भ्रष्ट तत्व चुनावी व्यवस्था का अपहरण कर रहे हैं।” अखिलेश यादव ने देशवासियों से अपील की कि “वे लोकतंत्र की रक्षा के लिए एक-एक वोट सुरक्षित रखने के आंदोलन में शामिल हों।” (राजेंद्र चौधरी, मुख्य प्रवक्ता, समाजवादी पार्टी)