कानपुर में बड़ा फर्जीवाड़ा: 10 साल तक फर्जी दरोगा बनकर करता रहा ठगी, शादी भी रचाई

कानपुर में बड़ा फर्जीवाड़ा: 10 साल तक फर्जी दरोगा बनकर करता रहा ठगी, शादी भी रचाई
★ बिना किसी पुलिस भर्ती के पहनी वर्दी, लोगों को बनाया शिकार
कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां आजाद सिंह जादौन नाम का युवक पूरे **10 साल तक फर्जी पुलिसकर्मी** बनकर लोगों को धोखा देता रहा। कभी खुद को सिपाही बताया, तो कभी प्रमोशन का झांसा देकर दरोगा बन गया। इसी झूठी पहचान के दम पर उसने शादी की, लोगों से वसूली की और लाखों की ठगी करता रहा। कौशांबी निवासी आजाद सिंह ने साल 2015 में फर्जी पुलिसवाले बनने का नाटक शुरू किया। वर्दी पहनकर थाने के पास कमरा लिया, और रोज़ाना पुलिसकर्मी की तरह बाहर निकलता। लोगों को लगता था कि वह असली सिपाही है।
पांच साल बाद उसने खुद को प्रमोट करके 'दरोगा' बताना शुरू कर दिया। उसने वर्दी सिलवाई, बैज लगवाया और सड़कों पर गाड़ियां रोककर चालान काटने और वसूली का सिलसिला शुरू कर दिया। 2019 में उसने सजेती के अमोली गांव की युवती सुजाता से शादी की। ससुराल वालों को पूरा यकीन था कि उनकी बेटी एक पुलिस अधिकारी के घर जा रही है। आजाद ने खुद को स्पेशल जांच ड्यूटी पर बताया, जिससे थाने न जाने पर भी किसी को शक नहीं हुआ। आजाद ने अपने साले सौरभ सिंह को भी इस फर्जीवाड़े में शामिल कर लिया। उसे ‘फॉलोवर’ बनाकर साथ गाड़ी में बैठने लगा और मिलकर लोगों से ठगी करता रहा। हाल ही में सजेती में एक चोरी की वारदात के बाद असली पुलिस मौके पर पहुंची। गांववालों ने 'दरोगा' की जानकारी दी, लेकिन रिकॉर्ड में उसका नाम ही नहीं था। जांच में पता चला कि वह कभी पुलिस में भर्ती ही नहीं हुआ। पुलिस ने जब आजाद को बुलाया, तो वह वर्दी में अपने साले के साथ पहुंचा।
तलाशी में नकली बैज, वर्दी और अन्य पुलिस सामान मिले। पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह सालों से लोगों को धोखा दे रहा था। सच्चाई सामने आते ही गांव और ससुराल वाले हैरान रह गए। सुजाता के पिता जयवीर सिंह ने कहा, “हमें लगता था बेटी की शादी दरोगा से हुई है, पर अब पता चला हम धोखे में थे।” गांववालों ने भी स्वीकार किया कि **वर्दी ने सबकी आंखें बंद कर दी थीं**।