स्कूल में चक्कर खाकर गिरी छात्रा, राज खुला तो बाप की हैवानियत की शिकार

May 14, 2024 - 08:50
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स्कूल में चक्कर खाकर गिरी छात्रा, राज खुला तो बाप की हैवानियत की शिकार

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दिल्ली से सटे गाजियाबाद के शालीमार गार्डन इलाके में रिश्तों को कलंकित करने का शर्मनाक मामला सामने आया है।

यहां एक व्यक्ति ने अपनी गोद ली हुई 14 वर्षीय बेटी से बार-बार दुष्कर्म कर उसे गर्भवती कर दिया। पीड़ित किशोरी ने मां द्वारा इस बारे में पूछने पर बताया कि आरोपी छह माह से उसका यौन शोषण कर रहा था। पुलिस ने लड़की की मां की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है।

 शालीमार गार्डन थाना पुलिस के मुताबिक, रविवार को एक महिला ने थाने आकर सूचना दी थी कि उसके पति ने बेटी से गलत काम किया है। महिला ने बताया कि उन्होंने अपने देवर की बेटी को उसके जन्म से ही गोद ले लिया था। अभी वह आठवीं क्लास में पढ़ती है। पति दिल्ली के मेंटल अस्पताल में माली है और वह घरेलू सहायिका है।

आरोप है कि उसके काम पर होने के दौरान पति ने दिसंबर 2023 में बेटी के साथ पहली बार गलत काम किया। इसके बाद से ही वह बेटी और उसकी हत्या की धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म कर रहा था। दो दिन पहले बेटी स्कूल में चक्कर खाकर गिर पड़ी थी। इसके बाद जांच कराने पर उसके पांच माह की गर्भवती होने के बारे में पता चला। एसीपी शालीमार गार्डन सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

मेडिकल रिपोर्ट और बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई करेंगे। अन्य कार्रवाई के लिए कानूनी राय ले रहे हैं। वहीं, इंदिरापुरम में भी 13 वर्षीय किशोरी से पड़ोसी ने दुष्कर्म किया। किशोरी के पीरियड शुरू नहीं होने पर जब उसकी जांच कराई तो परिजनों को घटना का पता चला। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। किशोरी की मां ने पुलिस को बताया कि सोमवार को वह सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली बेटी को डॉक्टर के पास ले गई थी। जांच में पता चला कि वह एक माह की गर्भवती है।

बेटी से पूछा तो उसने बताया कि पड़ोस में रहने वाला रूपेश कुमार झा करीब दो महीने से धमकी देकर उसके साथ गलत काम कर रहा है। पुलिस ने रूपेश को गिरफ्तार कर लिया है। सीडब्ल्यूसी जाएंगे दोनों मामले : पुलिस का कहना है कि नाबालिग के गर्भवती होने के कारण दोनों ही मामले सीडब्ल्यूसी के सामने जाएंगे। वहीं से आगे की प्रक्रिया व कार्रवाई होगी।

यदि गर्भपात कराने की दिशा में दोनों की जान को खतरा नहीं होगा तो गर्भपात कराया जाएगा। हालांकि, कोर्ट की नई गाइडलाइन के मुताबिक 28 सप्ताह तक गर्भपात कराया जा सकता है। पुलिस का कहना है कि दोनों ही मामले काफी गंभीर श्रेणी के हैं। दोनों मामलों में कई बिंदुओं पर कानूनी सलाह भी ली जाएगी।

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SuragBureau

Surag Bureau पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और स्थानीय व राष्ट्रीय मुद्दों पर समाचार लेखन करते हैं। हमारा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना हैं।

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