विषय आमंत्रित रचना - गुरू

Sep 05, 2023 - 09:51
Updated: 3 years ago
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विषय आमंत्रित रचना - गुरू

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विषय आमंत्रित रचना - गुरू

सत्य मार्ग दिखाने वाले ,शिक्षक , पूज्य पुरुष, अज्ञान रूपी हमारे अंधकार को मिटाने वाले , भगवान के समान , व्यक्तिगत आध्यात्मिक शिक्षक , निर्देशक , जिन्होंने आध्यात्मिक अंतर्दृष्टि प्राप्त कर ली हो आदि - आदि गुणों के धारक गुरू होते हैं । गुरु' शब्द में 'गु' का अर्थ है 'अंधकार' और 'रु' का अर्थ है 'प्रकाश' अर्थात् गुरु का शाब्दिक अर्थ हुआ 'अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाला सही मार्गदर्शक'।

सही अर्थों में गुरु वही है जो अपने शिष्यों का मार्गदर्शन करे और जो उचित हो उस ओर शिष्य को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करे। गुरु उसको कहते हैं जो वेद-शास्त्रों का गृणन (उपदेश) करता है अथवा स्तुत होता है। गुरु एक व्यक्तिगत आध्यात्मिक शिक्षक या निर्देशक होते हैं, जिन्होंने आध्यात्मिक ज्ञान की अंतर्दृष्टि प्राप्त कर ली हो।

भारत में धार्मिक शिक्षा के क्षेत्र में गुरुकुल पद्धति पर ज़ोर दिया जाता रहा है। पुराने जमाने में पारंपरिक रूप से शिष्य गुरुओं के आश्रम में रहते थे और भक्ति तथा आज्ञाकारिता से उनकी सेवा करते थे और अपने जीवन का सर्वांगीण विकास करते थे । इसलिये गुरु और भी अधिक महत्त्वपूर्ण चरित्र बन गए। किसी संप्रदाय के प्रमुख या संस्थापक के रूप में गुरु श्रद्धा के पात्र थे और उन्हें आध्यात्मिक सत्य का मूर्तिमान जीवित रूप माना जाता था।

इस प्रकार उन्हें अतुल्य जैसा सम्मान प्राप्त था। गुरु के प्रति सेवा भाव और आज्ञाकारिता की परंपरा अब भी विद्यमान है। गुरू हमे समय का सही प्रबंधन करना सिखाते है । गुरू हमें एक पल भी व्यर्थ गंवाने की प्रक्रिया पर सशक्त बंधन करवाना सिखाते है । व्यवहार में रहे उत्कृष्टता तथा वाणी में रहे सदा शिष्टता आदि यही होती है एक कलात्मक जीवन जीने की सशक्त विशिष्टता का ज्ञान गुरू करवाते है ।

अभिमान के भाव से हम बचते रहे तथा गुरूर से सदा दूर रहकर सदा इस जीवन में आनंद और प्रसन्नता के क्षण होंगे भरपूर ऐसा ज्ञान हमको गुरू प्रदान करते हैं । आदमी साधन से नहीं साधना से महान बनता है ।आदमी भवनों से नहीं भावना से महान बनता है। आदमी उच्चारण से नहीं उच्च आचरण से महान बनता है। शरीर में कोई सुन्दरता नहीं है।सुन्दर होते हैं व्यक्ति के कर्म, उसके विचार ।उसकी वाणी ,उसका व्यवहार ,उसकी सुन्दरता,उसके संस्कार और उसका चारित्र।जिसके जीवन में यह सब कुछ है वहु दुनिया का सबसे सुन्दर शख्स है ।ऐसे विलक्षण गुणों के धारक हमारे गुरू वन्दनीय हैं । आचार्य श्री महाश्रमण जी को वन्दन हैं । प्रदीप छाजेड़ ( बोरावड़)

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SuragBureau

Surag Bureau पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और स्थानीय व राष्ट्रीय मुद्दों पर समाचार लेखन करते हैं। हमारा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना हैं।

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