Eid UL Fitr 2024:आज होगा चांद का दीदार, कल मनेगा ईद-उल-फितर का जश्न

Eid UL Fitr 2024:आज होगा चांद का दीदार, कल मनेगा ईद-उल-फितर का जश्न

Apr 10, 2024 - 08:28
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Eid UL Fitr 2024:आज होगा चांद का दीदार, कल मनेगा ईद-उल-फितर का जश्न
Eid UL Fitr 2024:आज होगा चांद का दीदार, कल मनेगा ईद-उल-फितर का जश्न
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Eid UL Fitr 2024: भारत और दक्षिण ऐशियाई देशों में मुस्लिम लोगों को रोजा रखे हुए आज 10 अप्रैल को पूरे 30 दिन हो जाएंगे. शाम के समय इफ्तारी के बाद आज चांद का दीदार करेंगे और कल 11 अप्रैल को ईद का जश्न मनाएंगे. बता दें कि दुनिया भर के कई देश आज बुधवार को ईद का त्योहार मना रहे हैं. शव्वाल का चांद दिखने के बाद पाकिस्तान भी बाकी देशों के साथ आज ईद मनाएगा. लेकिन भारत और बांग्लादेश में चांद नहीं देखा गया, इसलिए यहां बुधवार को चांद देखने के बाद गुरुवार को ईद मनाई जाएगी.

इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, रमजान का महीना 29 या 30 दिन का होता है. भारत में रमजान के 29वें दिन चांद नहीं दिखा. इसलिए 30वें दिन चांद दिखने के बाद ही भारत और बांग्लादेश में 11 अप्रैल दिन गुरुवार को ईद मनाई जाएगी.

ईद के दिन क्या करें

ईद के दिन होने वाली नमाज में अवश्य शामिल हों. इसके बाद जकात अल-फित्र निकालें. ईद के मौके पर नए कपड़े पहनें और आपस में एक दूसरे को मुबारकबाद दें. ईद पर मीठी सेवईंयां और स्वादिष्ट भोजन के साथ जश्न मनाएं. इसके बाद दोस्तों और रिश्तेदारों से मिलकर एक दूसरों को ईद की बधाई दें.

ईद के दिन क्या न करें

इस्लाम धर्म में नशे को हराम बताया गया है लेकिन फिर भी कुछ लोग इसका सेवन करते हैं. खासकर ईद के दिन लोगों को नशे की चीजों से दूर रहना चाहिए. ईद के दिन किसी भी व्यक्ति को अपमान न करें और न ही किसी का मजाक उड़ाएं. ईद के मौके पर किसी से लड़ाई-झगड़ा न करें और ईद के दिन अनुचित कपड़े न पहनें. ईद के दिन जकात-उल-फितर देना न भूलें. ईद की नमाज से पहले जकात-उल-फितर दिया जाता है.

चांद देखना क्यों है जरूरी?

इस्लामिक धर्म के अनुसार, ईद मनाने से पहले मुसलमानों के लिए चांद देखना बहुत जरूरी होता है. क्योंकि शरीयत में अपनी आंखों से देखने और गवाही से ही सुबूत का एतबार है. इसलिए शब-ए-बारात, शब-ए-कद्र, ईद और ईद-उल-अजहा जैसे पर्व से पहले लोग चांद देखते हैं. चांद रात में चांद देखने के बाद लोग अल्लाह से दुआ भी मांगते हैं. रमजान के आखिरी दिन नया चांद देखने के बाद ही ईद-उल-फितर का त्योहार शुरू होता है. इस्लाम में इस्लामी रूयत-ए-हिलाल यानी नया चांद देखने की पारंपरिक परंपरा है, जो कई सालों से चली आ रही है.