ध्यान दिवस

Sep 17, 2023 - 21:13
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ध्यान दिवस

प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक युगं ने व्यक्तियों को दो भागों में बाँटा - बहिर्मुखी और अंतर्मुखी । अंतर्मुखी हुए बिना धर्म की बात को समझा नहीं जा सकता । बहिर्मुखी वह हैं , जो केवल पदार्थोंन्मुखी हैं । उसे केवल पदार्थ ही पदार्थ दिखाई देता हैं । जीवन की सार्थकता का प्रश्न पदार्थ से जुड़ जाता है ।

पदार्थ का मिलना और उसका भोग करना , इससे अधिक जीवन की कोई सार्थकता नहीं होती । एक व्यक्ति वह होता है , जो अंतर्जगत को देखता है , चेतना के जगत को छूता हैं । उसका चिंतन होता है पदार्थ को जानने वाला आखिर कौन है ? वह चेतना ही हैं , जो पदार्थ को जान रही हैं , उपयोग में ले रही हैं । वह चेतना को अस्वीकार नहीं करता , उसे पर्दे के पीछे नहीं ढकेलता ।

वह चेतना के साथ चलता है और अंतर्मुखी बन जाता हैं । ध्यान का अर्थ ही है अंतर्मुखी होना , चेतन मन को सुलाकर अवचेतन मन को जगा देना । मनोविज्ञान की भाषा में बाह्य मनोवृत्तियों को सुलाकर आंतरिक चेतना को जागृत करना । एकाग्र होना , श्वास पर ध्यान देना , ये ध्यान के माध्यम हैं ।मूल हैं हमारी चेतना का रास्ता बदल जाए । जो चेतना निरंतर पदार्थ की और जा रही है , वह पदार्थ से हटकर भीतर की और जाने लग जाए ।

यह मार्गांतरीकरण ही वास्तव में ध्यान हैं । जैन साधना में ध्यान का वही स्थान है, जो शरीर में गर्दन का है ।ध्यान क्या है ? बाहर से भीतर की ओर लौटना । किसी एक बिंदु पर मन को स्थिर करना । निर्विचार अन्तर्यात्रा । प्रत्येक क्षण जागरूक रहना । गतिमान चित्त की स्थिरता । भीतर की तटस्थता ।जीवन की पवित्रता । सुषुप्त-शक्ति का जागरण । आत्म-समाधि का विश्वास । अखण्ड निर्मल ऊर्जा । सत्य की अनुभूति । ध्यान किसलिए ? संकल्प चेतना के विकास के लिए । चित्त की चंचलता को मिटाने के लिए ।

मन के विकारों को पकड़ने के लिए । मूर्च्छा की तेज गति को रोकने के लिए । स्वयं का आत्म-साक्षात्कार करने के लिए । ध्यान का परिणाम ? कार्य क्षमता का विस्तार होता है । चित्त की एकाग्रता प्राप्त होती है। मानसिक प्रसन्नता की अनुभूति होती है। तटस्थ भावों का विकास होता है। प्रतिक्रिया मुक्त चेतना जागती है। चित्त समाधि मिलती है । अप्पणा सच्चमेसेज्जा मेत्तिं भूएसु कप्प ए स्वयं सत्य खोजें । सब के साथ मैत्री करें। आहंसु विज्जा चरणं पमोक्खं दुःख मुक्ति के लिए विद्या और आचार का अनुशीलन करें । प्रदीप छाजेड़ ( बोंरावड़ )

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