सत्संग और नाम जप ही भवसागर से पार होने का सरल मार्ग: जगदाचार्य श्रीस्वामी उपेंद्रानंद महाराज
सत्संग और नाम जप ही भवसागर से पार होने का सरल मार्ग: जगदाचार्य श्रीस्वामी उपेंद्रानंद महाराज
कायमगंज/फर्रुखाबाद। नेमिषारण्य धाम से पधारे जगदाचार्य श्रीस्वामी उपेंद्रानंद महाराज ने कहा कि कलियुग में मनुष्य के लिए सत्संग और भगवान के नाम का निरंतर जप ही जीवन रूपी भवसागर से पार होने का सबसे सरल और प्रभावी साधन है। उन्होंने कहा कि सत्संग और प्रभु स्मरण से मनुष्य का जीवन सद्मार्ग की ओर अग्रसर होता है। नगर स्थित सीपी सभागार में आयोजित भव्य सत्संग कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने पूज्य गुरुदेव का फूल-मालाओं एवं अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर आशीर्वाद प्राप्त किया। प्रमुख समाजसेवी सत्यप्रकाश अग्रवाल, डॉ. मिथलेश अग्रवाल, लक्ष्मी नारायण अग्रवाल, मोनिका अग्रवाल एवं रजनी गोयल सहित अन्य गणमान्य नागरिकों ने गुरुदेव का सम्मान कर आरती उतारी।
प्रवचन के दौरान स्वामी उपेंद्रानंद महाराज ने कहा कि मनुष्य को धर्म, सत्य और सदाचार के मार्ग पर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि ईश्वर की आराधना और नाम जप से मन को शांति मिलती है तथा जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है। उन्होंने वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज का उल्लेख करते हुए भगवान के नाम स्मरण को आत्मिक उन्नति का प्रमुख साधन बताया। गुरुदेव ने रामायण और महाभारत के प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म एवं संस्कारों का पालन करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि गुरु के बताए मार्ग पर चलने से जीवन सफल और सार्थक बनता है। सत्संग समाज में प्रेम, भाईचारे और अच्छे संस्कारों को बढ़ावा देता है। कार्यक्रम के समापन पर गुरुदेव की आरती की गई और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
इस अवसर पर अतिशूल्य महाराज, स्वामी नारायणानंदजी महाराज, गोस्वामी महाराज, प्रह्लादनारायण अग्रवाल, अरविंद अग्रवाल, संजय बंसल, बबलू अग्रवाल, संजय गुप्ता, उमेश गुप्ता, विनोद गंगवार, लखपति सक्सेना, देवेंद्र दुबे, महेंद्र राजपूत, मनोज गंगवार, प्रधानाचार्य योगेश चंद्र तिवारी, आरके वाजपेयी, नवाब सिंह वर्मा, अशोक वर्मा, डॉ. मनोज तिवारी, सत्यनारायण अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं नगर के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
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