देश के सुरक्षित भविष्य के लिए दो बूंद जिंदगी की जरूरी, सजगता से हारेगा पोलियो: जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी
*देश के सुरक्षित भविष्य के लिए दो बूंद जिंदगी की जरूरी, सजगता से हारेगा पोलियो: जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी*
मैनपुरी (अजय किशोर) जनपद में बच्चों को ताउम्र अपंगता से बचाने और देश को पोलियो मुक्त बनाए रखने के संकल्प के साथ पल्स-पोलियो अभियान का भव्य शुभारंभ हुआ। हिन्दपुरम स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने अनोखी पहल करते हुए 6 माह की नन्हीं बच्ची नव्या और उसकी माता शालिनी से फीता कटवाकर इस अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने स्वयं शून्य से 5 वर्ष तक के नौनिहालों को अपने हाथों से दो बूंद जिंदगी की पिलाई। जनपदवासियों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने कहा कि यद्यपि भारत पूरी तरह पोलियो मुक्त हो चुका है, लेकिन दुनिया के कुछ देशों में अब भी यह वायरस सक्रिय है। ऐसे में देश के अंदर इसके दोबारा प्रवेश का खतरा बना रहता है, जिसके लिए हर चरण में बच्चों को ड्रॉप पिलाना बेहद जरूरी है।
उन्होंने अपील की कि सभी अभिभावक अपने 5 वर्ष तक के बच्चों को नजदीकी बूथ पर ले जाकर पोलियो रोधी खुराक जरूर दिलवाएं। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को कड़े निर्देश दिए कि ईंट-भट्टों और घुमंतू परिवारों के बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि कोई भी बच्चा दवा से वंचित न रहे। इसी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अन्नप्राशन योजना के तहत 6 माह की आयु पूरी कर चुके बच्चों को ऊपरी आहार खिलाया और कुपोषण मुक्त भारत के लिए पोषक तत्वों से भरपूर खान-पान पर जोर दिया। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता ने अभियान की तकनीकी रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि इस चरण में जनपद के कुल 3,57,859 बच्चों को सुरक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए पूरे जिले में 1044 पोलियो बूथ बनाए गए हैं, जबकि छूटे हुए बच्चों को कवर करने के लिए 2838 टीमें घर-घर जाकर अपनी सेवाएं देंगी। अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ शिक्षा, बाल विकास, पंचायती राज और राजस्व विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। ए.एन.एम., आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की संयुक्त टीमें इस महाअभियान की मुख्य धुरी बनी हुई हैं। इस महत्वपूर्ण शुभारंभ के अवसर पर अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल वर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक कुमार, डब्ल्यूएचओ के एस.एम.ओ. डॉ. वी.पी. सिंह सहित बाल विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी, सुपरवाइजर तथा स्थानीय फ्रंटलाइन वर्कर्स उपस्थित रहे।
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