फर्रुखाबाद: थाना समाधान दिवस में डीएम-एसपी की सख्ती, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई
फर्रुखाबाद के थाना शमसाबाद में डीएम और एसपी ने संयुक्त जनसुनवाई की। 7 में से 2 शिकायतों का मौके पर निस्तारण, अधिकारियों को लापरवाही न बरतने की चेतावनी।
फर्रुखाबाद जनपद के थाना शमसाबाद में शनिवार को आयोजित थाना समाधान दिवस के दौरान जिला प्रशासन का सख्त रुख देखने को मिला। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर और पुलिस अधीक्षक श्रीमती आरती सिंह ने संयुक्त रूप से फरियादियों की समस्याओं को सुना। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष बल दिया। समाधान दिवस में कुल 7 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 2 का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया गया, जबकि शेष 5 मामलों को संबंधित विभागों के सुपुर्द कर दिया गया।
प्रभावी निस्तारण के लिए सख्त निर्देश
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने राजस्व और पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि थाना समाधान दिवस केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि आमजन की समस्याओं के समाधान का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर दिखना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर मौके पर भेजा जाए, ताकि विवाद की वास्तविक स्थिति का पता चल सके और निष्पक्ष कार्रवाई हो सके। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि निस्तारण में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भूमि विवादों पर विशेष निगरानी
समाधान दिवस में भूमि विवाद से जुड़े मामलों की प्रधानता रही। जिलाधिकारी ने इन मामलों को संवेदनशीलता के साथ हल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि संबंधी विवादों में देरी होने पर तनाव बढ़ सकता है, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है। इसे देखते हुए उन्होंने राजस्व एवं पुलिस विभाग को संयुक्त रूप से मौके पर जाकर जांच करने और विवादों की जड़ तक पहुंचकर समाधान निकालने के लिए कहा है।
पुलिस अधिकारियों को दी गई प्राथमिकता
पुलिस अधीक्षक श्रीमती आरती सिंह ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायतकर्ता के साथ विनम्र व्यवहार किया जाए और उनकी समस्याओं को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस का मुख्य कार्य जनता में सुरक्षा का भाव पैदा करना है, जो शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण से ही संभव है। संवेदनशील मामलों में पुलिस को राजस्व टीम के साथ समन्वय बनाकर काम करने की सलाह दी गई, ताकि न्याय प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।
प्रशासन की प्राथमिकता
प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि सरकार की मंशा के अनुरूप आम जनता को न्याय उनके द्वार पर ही उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दौरान बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याओं के साथ उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बारी-बारी से सभी की बातें सुनीं और उन्हें उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। समाधान दिवस में मौजूद राजस्व विभाग के तहसीलदार, लेखपाल और थाना स्तर के पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को भी निर्देश दिए गए कि वे लंबित मामलों की सूची तैयार करें और निर्धारित समय सीमा के भीतर उनका निस्तारण रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करें। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पीड़ित न्याय से वंचित न रहे और प्रशासन की कार्यप्रणाली पारदर्शी बनी रहे।
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