फर्रुखाबाद: डीएम के औचक निरीक्षण से स्कूलों में हड़कंप, शिक्षा की खुली पोल

फर्रुखाबाद के डीएम डॉ. अंकुर लाठर ने प्राथमिक विद्यालयों का किया औचक निरीक्षण। बच्चों से पूछे सवाल, कमजोर छात्रों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

Aug 09, 2026 - 09:50
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फर्रुखाबाद: डीएम के औचक निरीक्षण से स्कूलों में हड़कंप, शिक्षा की खुली पोल

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फर्रुखाबाद जिले में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने शनिवार को कायमगंज तहसील के शमसाबाद विकासखंड क्षेत्र का औचक दौरा किया। जिलाधिकारी का यह अचानक निरीक्षण प्राथमिक विद्यालय अजीजाबाद और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय रजलामई में हुआ, जिससे विद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया। इस दौरान डीएम ने न केवल पठन-पाठन की गुणवत्ता को परखा, बल्कि बच्चों को मिल रही मूलभूत सुविधाओं की भी बारीकी से जांच की।

शिक्षण व्यवस्था और बच्चों की समझ का आकलन

प्राथमिक विद्यालय अजीजाबाद पहुंचते ही जिलाधिकारी ने सीधे कक्षाओं का रुख किया। उन्होंने विद्यार्थियों से पाठ्यक्रम से संबंधित कई सवाल पूछे, ताकि यह जाना जा सके कि बच्चे अपनी कक्षाओं के अनुरूप कितना सीख रहे हैं। इस संवाद के दौरान कई बच्चों की शैक्षणिक समझ में कमी पाई गई, जिस पर डीएम ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने शिक्षकों को स्पष्ट किया कि केवल उपस्थिति दर्ज करना या कोर्स पूरा करना ही शिक्षक का दायित्व नहीं है, बल्कि प्रत्येक बच्चे के सीखने के स्तर में सुधार लाना अनिवार्य है।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि विद्यालय में कमजोर छात्रों की पहचान के लिए विशेष सूची तैयार की जाए। ऐसे विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाओं का आयोजन किया जाए ताकि वे अन्य बच्चों के साथ तालमेल बिठा सकें। उन्होंने शैक्षणिक प्रगति के नियमित मूल्यांकन पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षकों को अपनी शिक्षण पद्धति में नवाचार लाने की आवश्यकता है ताकि बच्चे पढ़ाई में रुचि ले सकें।

बुनियादी सुविधाओं की पड़ताल

शिक्षा के स्तर के साथ-साथ जिलाधिकारी ने विद्यालय परिसर में उपलब्ध सुविधाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने स्वच्छता, पेयजल की उपलब्धता, शौचालय की स्थिति और बिजली व्यवस्था की बारीकी से जांच की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालयों में ऐसा वातावरण तैयार किया जाए, जो बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए अनुकूल हो। उन्होंने कहा कि बुनियादी सुविधाओं के अभाव में बच्चों की शिक्षा प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का निरीक्षण

इसके पश्चात जिलाधिकारी ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय रजलामई का निरीक्षण किया। यहाँ उन्होंने छात्राओं से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना। छात्राओं से भोजन, आवास और पढ़ाई से संबंधित जानकारी लेते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बालिकाओं की सुरक्षा और सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। छात्राओं को बेहतर शिक्षा के साथ-साथ एक सुरक्षित और सकारात्मक माहौल मिलना शासन की प्राथमिकता है।

अधिकारियों को सख्त निर्देश

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिक्षा की गुणवत्ता के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने शिक्षकों और विभागीय अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे विद्यालय के संसाधनों का अधिकतम उपयोग करें और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान केंद्रित करें। इस दौरान पुलिस अधीक्षक श्रीमती आरती सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

जिलाधिकारी का यह दौरा उन शिक्षकों के लिए एक चेतावनी है जो पठन-पाठन में गंभीरता नहीं बरत रहे हैं। प्रशासन की इस सक्रियता से उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में जिले के सरकारी विद्यालयों की कार्यप्रणाली में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

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SuragBureau

Surag Bureau पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और स्थानीय व राष्ट्रीय मुद्दों पर समाचार लेखन करते हैं। हमारा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना हैं।

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