फर्रुखाबाद: मंडी चौकी पर न्याय के लिए भटक रहा पीड़ित, सिपाही पर लगे गंभीर आरोप
फर्रुखाबाद के कायमगंज में मंडी चौकी पर मारपीट का शिकार पीड़ित न्याय के लिए भटक रहा है। पुलिस की कार्यप्रणाली और सिपाही के व्यवहार पर उठे गंभीर सवाल।
फर्रुखाबाद के कायमगंज स्थित मंडी चौकी पर न्याय की आस लेकर पहुंचे एक पीड़ित का मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। पीड़ित का आरोप है कि मारपीट की शिकायत दर्ज कराने के बाद से ही उसे पुलिसिया कार्रवाई के बजाय टाल-मटोल और कथित धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। घटनाक्रम की शुरुआत 16 सितंबर 2026 को हुई, जब पीड़ित ने नेत्रपाल नामक व्यक्ति पर मारपीट का आरोप लगाते हुए लिखित प्रार्थना पत्र दिया था।
कार्रवाई के नाम पर टाल-मटोल
शिकायत दर्ज होने के बाद से ही पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। चौकी स्तर से पीड़ित को बार-बार यह आश्वासन दिया जाता रहा कि दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर मामले का निपटारा किया जाएगा। हालांकि, समय बीतने के बावजूद आरोपी पक्ष को पूछताछ के लिए तलब करने में पुलिस की सुस्ती सवालों के घेरे में है। पीड़ित का तर्क है कि जब वह स्वयं शिकायत लेकर आया है, तो पुलिस आरोपी की मौजूदगी सुनिश्चित करने के बजाय शिकायतकर्ता पर ही दबाव क्यों बना रही है?
सिपाही की भूमिका पर उठे सवाल
मामला तब और गंभीर हो गया जब 18 सितंबर 2026 को पीड़ित दोबारा मंडी चौकी पहुंचा। पीड़ित के अनुसार, वहां तैनात सिपाही छोटेलाल ने कार्रवाई करने के बजाय उसे ही निशाने पर ले लिया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि सिपाही ने कठोर लहजे में उसे धमकाते हुए कहा, 'विवेक, तुम तो फोन भी नहीं उठाते हो, बहुत बड़े अपने आपको गुंडा बनाए हो।' इस व्यवहार से पीड़ित मानसिक रूप से काफी परेशान है। उसका कहना है कि वह बाहर केले का व्यवसाय करता है और उसका किसी भी तरह के विवाद से कोई सरोकार नहीं है। पीड़ित ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस जिस ऑडियो बातचीत का जिक्र कर रही है, वह उसके चाचा की है, न कि उसकी।
निष्पक्ष जांच की मांग
पीड़ित का कहना है कि आरोपी नेत्रपाल ग्राम जोर में ही रह रहा है, जबकि पुलिस को बताया गया है कि वह बाहर गया हुआ है। पीड़ित ने पुलिस से मांग की है कि आरोपी को बुलाकर उससे पूछताछ की जानी चाहिए और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पीड़ित का यह भी मानना है कि यदि उसके खिलाफ कोई शिकायत है, तो उसकी भी जांच की जाए, लेकिन मारपीट के मामले में उसे सुरक्षा और न्याय मिलना चाहिए।
प्रशासन से उम्मीद
पिछले कई दिनों से मंडी चौकी के चक्कर काट रहे पीड़ित ने अब उच्चाधिकारियों से गुहार लगाई है। उसने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और चौकी पर उसके साथ हुए दुर्व्यवहार की भी समीक्षा हो। पीड़ित का एकमात्र उद्देश्य यह है कि उसे कानून के अनुसार न्याय मिले और आरोपी पर उचित कार्रवाई हो। फिलहाल, इस संवेदनशील मामले में पुलिस के आधिकारिक पक्ष का इंतजार है, जिसके बाद ही आरोपों की सत्यता और पुलिस की कार्यप्रणाली पर स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। यह मामला स्थानीय स्तर पर पुलिस और जनता के बीच बढ़ती दूरी और संवादहीनता को भी दर्शाता है।
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