Kasganj news लकड़ी माफियाओं की गुंडई- अबैध पेड़ों के कटान पर गए वन कर्मी (बीट प्रभारी) को बंधक बनाकर पीटा, आगरा रेफर

Jul 16, 2026 - 17:43
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Kasganj news लकड़ी माफियाओं की गुंडई- अबैध पेड़ों के कटान पर गए वन कर्मी (बीट प्रभारी) को बंधक बनाकर पीटा, आगरा रेफर

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लकड़ी माफियाओं की गुंडई- अबैध पेड़ों के कटान पर गए वन कर्मी (बीट प्रभारी) को बंधक बनाकर पीटा, आगरा रेफर कासगंज से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है । जहां लकड़ी माफियाओं की गुंडागर्दी सामने आई है। जब बीट इंचार्ज को सूचना मिली कि लकड़ी माफियाओं द्वारा अबैध प्रतिबंधित पेड़ काटे जा रहे हैं तो सूचना पर पहुंचे बीट इंचार्ज आकाश कुमार को बंधक बनाकर पीटा जिससे काफी गम्भीर चोटें आई हैं। हालात गम्भीर होने के चलते आगरा रेफर कर दिया गया हैं।पिछले कई दिनों से लकड़ी माफिया दीमक की तरह हरे भरे जंगल को साफ करने में कोई कसर वाकी नहीं छोड़ रहे थे। धीरे धीरे करके काफी पेड़ों का कटान कर चुके थे। कटान लगातार जारी था। बेरहमी से हरे भरे पेड़ों पर आरा चलाकर जंगलों को उजाड़ा जा रहा था। लकड़ी लोड कर वाहनों द्वारा सप्लाई की जा रही थी । लकड़ी ठेकेदार बिना किसी डर के इस लकड़ी की तस्करी कर रहे थे।जनपद कासगंज थाना क्षेत्र ढोलना के गांव मारुपुर ,नदरई से लगभग 1 km दूर सिकन्दराराऊ रोड पर मारुपुर गांव के पास रेलवे लाइन के करीब स्थित एक बहुत बड़ी सीमेंट फेक्ट्री है । जिसका एरिया काफी बड़ा है जिसके चारों ओर काफी ऊंची बाउंड्री हो रही है। जिसके अंदर बहुत बड़ा प्रतिबंधित बृक्षों का बगीचा था जिसमें कुछ पेड़ छूट प्रजाति के भी थे। जिस बगीचे को ठेकेदार दबंगई के बल पर चोरी से काटकर ले जा रहे थे। जब इस चोरी से हो रहे अबैध कटान जो कि वन विभाग की नजरों से दूर था। अचानक इसकी सूचना वन विभाग को मिली तो वन बिभाग के कर्मचारी अलर्ट मोड़ में आ गए। और काटे जा रहे हरे भरे जंगल पर छापा मार दिया। मिली जानकारी के अनुसार छापेमारी के दैरान बीट प्रभारी आकाश कुमार व साथी मोहित कुमार और राहुल चौधरी मौजूद थे । वन बिभाग के कर्मचारियों ने जब कटान देखा तो दंग रह गए। इतना बड़ा कटान, लोडेड वाहन इतनी हिम्मत इन माफियाओं में कहाँ से आई? जब वनकर्मियों ने इतने बड़े पैमाने पर कटान देखा तो वे भी हैरान रह गए। एक गाड़ी लोड खड़ी थी कटान जारी था । जब बीट प्रभारी ने कहा कि ये गाड़ी वन विभाग आफिस ले चलो इसकी ऊपर तक शिकायत है। इतना सुन वहां मौजूद ठेकेदार व लकड़हारों में खलबली मच गई और बौखला गए। फेक्ट्री का अंदर से ताला लगा दिया ताकि वनकर्मी चंगुल से निकल ना पाएं। और सभी ठेकेदार व लकड़हारे गाली गलौज करते हुए आकाश पर हावी हो गए आकाश पर किसी ने डंडा तो किसी ने ईंटें बरसाईं जिससे आकाश के कंधे व सिर सहित शरीर में गंभीर चोटें आयी हैं। आकाश के साथी मौका देख दीवार फांदकर अपनी जान बचाकर भाग आये। आकाश को पकड़कर डंडे व ईंटों से मारते रहे जैसे तैसे आकाश माफियाओं के चंगुल से छूटकर दीवार कूदकर अपनी जान बचाकर भागे। घायल वनकर्मी को जिलाअस्पताल कराया भर्ती, गम्भीर हालात के चलते डॉक्टर ने आगरा किया रेफर। फेक्ट्री में मौजूद सभी आरोपी इतनी बुरी तरह वनकर्मचारी पर हमलावर हुए कि पीट पीट कर लहूलुहान कर दिया । हालात बहुत गंभीर थी तुरन्त कासगंज जिला अस्पताल भर्ती कराया गया। जिला अस्पताल में इलाज चला लेकिन हालत इतनी नाजुक थी कि कासगंज जिलाअस्पताल के डॉक्टर ने घायल बीट प्रभारी आकाश को आगरा के लिए रेफर कर दिया। आकाश का आगरा अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस मामले की सूचना जब पुलिस को मिली तो पुलिस भी हरकत में आ गयी । मामला गम्भीर था पुलिस ने तुरंत संज्ञान लिया । पुलिस अपराधियों की तलाश में जुट गई। अभी तक तीन अपराधी पुलिस के शिकंजे में आ चुके हैं । बाकी बचे आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि जितने लोगों ने इस बारदात को अंजाम दिया है एक भी बच नहीं सकता। लकड़ी माफियाओं ने एक गिरोह बनाकर दिया बारदात को अंजाम,इस बारदात को अंजाम देने के लिए क्या यह पहले से सोची समझी साजिश थी?इतनी अधिक मात्रा में पेड़ किसके इशारे पर काटे गए? बारदात को अंजाम देने में कितने लोग शामिल हैं? लकड़ी काटकर तस्करी करने में कितने लोग शामिल हैं? कौन है इन लकड़ी माफियाओं का सरगना फैक्ट्री संचालक पर भी कई तरह के सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। फैक्ट्री से इतनी मात्रा में पेड़ क्यों बेचे गए? जबकि यहां का वातावरण फेक्ट्री की बजह से काफी खराब हो चुका है। फेक्ट्री की बजह से यहां के जीव जंतु ,पशु,पंक्षियों को काफी नुकसान है। यहाँ आसपास रहने वाले जीव जंतु फेक्ट्री के धुएं से काले पड़ गए हैं । फेक्ट्री के धुएं में इतनी जहरीली गैस निकलती है कि आसपास रहने वाले लोगों के जीवन को उजाड़ सकती है। आसपास होने वाली फसलों को भी काफी नुकसान होता हैं। फेक्ट्री की कई बार शिकायत भी हो चुकी है लेकिन कोई भी अधिकारी संज्ञान नहीं लेता। फैक्ट्री की भी जांच होनी चाहिये। इतना बड़ा अपराध करने वाले इन अपराधियों पर कस पायेगा कोई शिकंजा या फिर यह राजनीतिक तमासा बनकर रह जायेगा। अगर इन अपराधियों पर शिकंजा नहीं कसा गया तो आने वाले समय में ये घातक सिद्ध तो सकते हैं और इसी तरह ये अपराधी अपराध को जन्म देते रहेंगे। इनको रोकना बहुत जरूरी होगा। देखना है कि आगे प्रशासन क्या कार्यवाही अमल में लाता हैl

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Sunil Kumar

Sunil Kumar ब्यूरो चीफ ,कासगंज हैं, जो स्थानीय समाचारों, घटनाओं पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक विश्वसनीय और सटीक जानकारी पहुंचाना है।

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