जैथरा – अवैध चिकित्सा संस्थानों पर संयुक्त टीम का ऑकस्मिक निरीक्षण
जैथरा – अवैध चिकित्सा संस्थानों पर संयुक्त टीम का ऑकस्मिक निरीक्षण
एटा। जैथरा ब्लॉक में स्वास्थ्य नियमों के उल्लंघन के आरोपों पर जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी एटा और मुख्य चिकित्सा अधिकारी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप गठित संयुक्त विशेष चिकित्साकीय जांच टीम ने आज, 30 मई 2026 को ब्लॉक जैथरा के चिन्हित चिकित्सालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया। टीम में डॉ. राम मोहन तिवारी (ACMO, एटा), डॉ. सतीश चंद्र नागर (ACMO, एटा), डॉ. अश्वनी मित्तल (MOIC, अलीगंज) और श्री लोकमन सिंह (जिला मलेरिया अधिकारी, एटा) शामिल थे। निरीक्षण के दौरान पर्याप्त पुलिस बल भी मौजूद था। टीम ने चार प्रमुख चिकित्सालयों/क्लीनिकों का निरीक्षण किया, जहाँ नियमों के उल्लंघन और अवैध संचालन की पुष्टि हुई।
*डॉ. हर्षिता – राधा रानी हॉस्पिटल, धुमरी:** आयुष विभाग का पंजीकरण होने के बावजूद एलोपैथिक उपचार किया जा रहा था। संचालक को वैध प्रपत्र प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया गया। * **कनक हॉस्पिटल, पीएचसी के पास:** अस्पताल बंद पाया गया, संचालक मौके से फरार। नोटिस चस्पा कर आवश्यक दस्तावेज मांगे गए। * **श्री हरी बाबू – विजय लक्ष्मी हॉस्पिटल, धुमरी:** बिना वैध पंजीकरण और चिकित्सीय योग्यता के एलोपैथिक उपचार संचालित। यहां ओटी, 6 बेड और ऑक्सीजन सिलेंडर पाए गए। नोटिस तामील किया गया।
*प्रिया / अंजलि हॉस्पिटल, दरियावगंज रोड:** पुलिस उपस्थिति में संचालन करते पाए गए। ओटी उपकरण, ड्रिप, DNS दवाइयां और स्टाफ मौजूद। नोटिस निर्गत किया गया। जांच टीम ने सभी संचालकों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे **07 दिनों के भीतर** अपनी योग्यता प्रमाण-पत्र, चिकित्सा परिषद का पंजीकरण और वैध लाइसेंस मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करें। यदि समय-सीमा के भीतर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए, तो संबंधित क्लीनिकों को तुरंत सील कर दिया जाएगा और **National Medical Commission (NMC) Act 2019 एवं BNS की धाराओं के तहत FIR दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई** अमल में लाई जाएगी। जिला प्रशासन ने यह कदम स्वास्थ्य सुरक्षा और मरीजों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया है। **संयुक्त विशेष चिकित्साकीय जांच टीम**
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