भीषण अग्निकांड से उजड़े पांच परिवार: 20 से अधिक मवेशी जिंदा जले

May 30, 2026 - 21:24
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भीषण अग्निकांड से उजड़े पांच परिवार: 20 से अधिक मवेशी जिंदा जले

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भीषण अग्निकांड से उजड़े पांच परिवार: 20 से अधिक मवेशी जिंदा जले

कायमगंज/ फर्रुखाबाद/ कंपिल थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत सिकंदरपुर तिहईया के मजरा हन्या में शनिवार दोपहर हुए भीषण अग्निकांड ने पांच परिवारों की जिंदगी को एक झटके में तबाह कर दिया। तेज हवाओं के बीच लगी आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया और पांच घरों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में 20 से अधिक भेड़ों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य मवेशी गंभीर रूप से झुलस गए। जानकारी के अनुसार दोपहर करीब डेढ़ बजे नेत्रपाल पुत्र भगवंत के घर से अचानक आग की लपटें उठीं।

आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है, लेकिन ग्रामीणों का मानना है कि किसी चिंगारी से आग भड़की होगी। तेज हवाओं ने आग को और भयावह बना दिया, जिससे देखते ही देखते आसपास के घर भी इसकी चपेट में आ गए। आग फैलते ही पूरे गांव में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीण अपने घरों से सामान और मवेशियों को बचाने के लिए दौड़ पड़े, लेकिन आग की रफ्तार के आगे उनके प्रयास नाकाम साबित हुए। कुछ ग्रामीण आग बुझाने के दौरान मामूली रूप से झुलस भी गए। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों और ग्रामीणों ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक पांच परिवारों की पूरी गृहस्थी जलकर राख हो चुकी थी। पीड़ित कल्लू पाल ने बताया कि झोपड़ी में रखे 16 हजार रुपये नकद, अनाज, कपड़े, बर्तन, रजाई, चारपाई, वाहन और जरूरी दस्तावेज सब कुछ आग की भेंट चढ़ गया। उन्होंने कहा कि अब परिवार के सामने खाने और रहने तक का संकट खड़ा हो गया है। घटना की सूचना मिलते ही राजस्व विभाग की टीम भी गांव पहुंची। लेखपाल श्वेतांशु अग्निहोत्री और कानूनगो कुतुबुद्दीन ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर नुकसान का जायजा लिया।

अधिकारियों ने जले हुए मकानों, नष्ट हुए सामान और मृत पशुधन का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की। कानूनगो कुतुबुद्दीन ने बताया कि आग से हुई क्षति का विस्तृत आकलन कराया जा रहा है। रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी, ताकि प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके। यह अग्निकांड गांव के पांच परिवारों के लिए ऐसा दर्द छोड़ गया है, जिसे भुला पाना आसान नहीं होगा। जिन घरों में सुबह तक जीवन की रौनक थी, वहां अब सिर्फ राख, बिखरे सपने और बेबसी का मंजर दिखाई दे रहा है।

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SuragBureau

Surag Bureau पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और स्थानीय व राष्ट्रीय मुद्दों पर समाचार लेखन करते हैं। हमारा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना हैं।

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