होम्योपैथिक चिकित्सकों पर वाणिज्यिक लाइसेंस शुल्क का विरोध तेज, डीएम को सौंपा ज्ञापन

Apr 06, 2026 - 15:28
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होम्योपैथिक चिकित्सकों पर वाणिज्यिक लाइसेंस शुल्क का विरोध तेज, डीएम को सौंपा ज्ञापन
होम्योपैथिक चिकित्सकों पर वाणिज्यिक लाइसेंस शुल्क का विरोध तेज, डीएम को सौंपा ज्ञापन

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होम्योपैथिक चिकित्सकों पर वाणिज्यिक लाइसेंस शुल्क का विरोध तेज, डीएम को सौंपा ज्ञापन

? शिकोहाबाद (फिरोजाबाद), दिनांक 04 अप्रैल 2026 उत्तर-प्रदेश होम्योपैथिक मेडिकल एसोसियेशन, शाखा शिकोहाबाद द्वारा नगर पालिका परिषद शिकोहाबाद के विरुद्ध होम्योपैथिक चिकित्सकों पर लगाए जा रहे वाणिज्य नियंत्रण लाइसेंस शुल्क के विरोध में एक विस्तृत ज्ञापन जिलाधिकारी फिरोजाबाद को सौंपा गया।

एसोसियेशन के पदाधिकारियों एवं स्थानीय होम्योपैथिक चिकित्सकों ने सामूहिक रूप से उपस्थित होकर बताया कि नगर पालिका द्वारा अधिनियम 1916 की धारा 173 के अंतर्गत होम्योपैथिक क्लीनिकों को वाणिज्यिक श्रेणी में रखकर लाइसेंस शुल्क लगाया जा रहा है, जो पूर्णतः अनुचित और अव्यवहारिक है।

पूर्व में दिए गए ज्ञापनों का विवरण: पहला ज्ञापन दिनांक 07 सितंबर 2017 को नगर पालिका परिषद शिकोहाबाद के अध्यक्ष/अधिशासी अधिकारी को सौंपा गया। दूसरा ज्ञापन दिनांक 17 मार्च 2026 को नगर पालिका अध्यक्ष को संबोधित करते हुए निर्धारण अधिकारी कार्यालय में जमा किया गया। तीसरा ज्ञापन दिनांक 01 अप्रैल 2026 को माननीय एसडीएम शिकोहाबाद को दिया गया। इसके बावजूद अब तक किसी भी स्तर पर चिकित्सकों को बोर्ड मीटिंग में अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया, जिससे उनमें रोष व्याप्त है।

विरोध के प्रमुख तर्क इस प्रकार हैं: 1. अधिनियम 1916 की धारा 173 की उपविधि 2017 में प्राइवेट क्लीनिक, अस्पताल, दुकान एवं मैरिज होम को एक ही श्रेणी में रखना न्यायसंगत नहीं है।

2. होम्योपैथिक क्लीनिक वाणिज्यिक प्रतिष्ठान की श्रेणी में नहीं आते, जबकि अस्पताल, मेडिकल स्टोर, पैथोलॉजी एवं मैटरनिटी सेंटर वाणिज्यिक गतिविधियों में शामिल होते हैं।

3. होम्योपैथिक क्लीनिकों से किसी प्रकार का बायो-वेस्ट या प्रदूषण उत्पन्न नहीं होता, जिससे नगर पालिका पर अतिरिक्त सफाई व्यवस्था का कोई भार नहीं पड़ता।

4. सभी होम्योपैथिक चिकित्सक अपने क्लीनिकों पर पहले से ही हाउस टैक्स एवं वाटर टैक्स (जिसमें कमर्शियल शुल्क शामिल है) का नियमित भुगतान करते आ रहे हैं। 5. एसोसियेशन की मांग: एसोसियेशन ने जिलाधिकारी महोदय से मांग की है कि इस विषय में निष्पक्ष जांच कराते हुए होम्योपैथिक चिकित्सकों को वाणिज्यिक लाइसेंस शुल्क से मुक्त किया जाए तथा उन्हें उचित न्याय दिलाया जाए।

यदि शीघ्र ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो एसोसियेशन द्वारा आगे व्यापक आंदोलन करने की चेतावनी दी गई है।

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Sheelendra Singh

Sheelendra Singh ब्यूरो चीफ फिरोजाबाद हैं, जो स्थानीय समाचारों, घटनाओं पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक विश्वसनीय और सटीक जानकारी पहुंचाना है।

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