हरित क्रांति-कृषोन्नति योजना: एनजीओ के लिए प्रशिक्षण एवं भ्रमण के अवसर

एटा में हरित क्रांति-कृषोन्नति योजना के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए एनजीओ से आवेदन आमंत्रित। अंतिम तिथि 01 सितंबर 2026। पूरी जानकारी यहाँ देखें।

Aug 31, 2026 - 21:53
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हरित क्रांति-कृषोन्नति योजना: एनजीओ के लिए प्रशिक्षण एवं भ्रमण के अवसर

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एटा जनपद में कृषि क्षेत्र के विकास और किसानों के कौशल उन्नयन के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। कृषि निदेशक, उत्तर प्रदेश एवं राज्य नोडल अधिकारी, कृषि भवन, लखनऊ के दिशा-निर्देशों के क्रम में, हरित क्रांति-कृषोन्नति योजना के अंतर्गत 'सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन' (SAME) की वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना का क्रियान्वयन शुरू कर दिया गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि विस्तार सेवाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाना और किसानों को आधुनिक तकनीकों से अवगत कराना है।

उप कृषि निदेशक सुमित कुमार ने इस संदर्भ में जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस योजना के तहत कई प्रकार के महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं। इनमें मुख्य रूप से अन्तर्राज्यीय भ्रमण, राज्य स्तरीय भ्रमण, जनपद स्तरीय प्रशिक्षण एवं भ्रमण, तथा किसानों के लिए समूह प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों, फसल प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य और जैविक खेती जैसी विधाओं को किसानों के बीच लोकप्रिय बनाना है।

आवेदन प्रक्रिया और पात्रता

इन कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए जिला प्रशासन ने जनपद की इच्छुक और योग्य स्वयंसेवी संस्थाओं (एनजीओ) से आवेदन आमंत्रित किए हैं। जो संस्थाएं कृषि, ग्रामीण विकास और किसान कल्याण के क्षेत्र में अनुभव रखती हैं, वे इस योजना में भागीदारी के लिए अपने प्रस्ताव प्रस्तुत कर सकती हैं। आवेदन के लिए निम्नलिखित बिंदुओं का ध्यान रखना आवश्यक है:

  • संस्था का पंजीकरण वैध होना चाहिए और कृषि क्षेत्र में कार्य करने का अनुभव होना अनिवार्य है।
  • प्रशिक्षण एवं भ्रमण कार्यक्रमों के आयोजन के लिए संस्था के पास आवश्यक संसाधन और विशेषज्ञता होनी चाहिए।
  • सभी इच्छुक एनजीओ को अपने संबंधित प्रपत्र और दस्तावेज निर्धारित समय-सीमा के भीतर उप कृषि निदेशक कार्यालय, एटा में जमा कराने होंगे।

आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 01 सितम्बर 2026, सायं 4 बजे तक निर्धारित की गई है। इस समय-सीमा के बाद प्राप्त होने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। उप कृषि निदेशक ने स्पष्ट किया है कि प्राप्त सभी आवेदनों और संबंधित प्रपत्रों की गहन समीक्षा की जाएगी। इसके उपरांत, इन प्रस्तावों को आगामी 'गवर्निंग बोर्ड' की बैठक में अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। बोर्ड द्वारा चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही संस्थाओं को कार्यक्रमों के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

योजना का महत्व

हरित क्रांति-कृषोन्नति योजना का मूल लक्ष्य कृषि उत्पादकता को बढ़ाना और किसानों की आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करना है। जब एनजीओ जैसे सक्रिय संगठन इन कार्यक्रमों से जुड़ते हैं, तो सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े किसान तक अधिक सरलता से पहुंचता है। भ्रमण कार्यक्रमों के माध्यम से किसान अन्य प्रगतिशील क्षेत्रों की कृषि पद्धतियों को प्रत्यक्ष देख सकते हैं, जिससे उनके सीखने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होती है।

कृषि विभाग का प्रयास है कि इस बार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में नवाचार और तकनीक का समावेश हो। उप कृषि निदेशक ने सभी संबंधित एनजीओ से अपील की है कि वे पारदर्शिता के साथ अपने प्रपत्र समय से जमा करें ताकि जनपद में कृषि विकास की गति को तेज किया जा सके। अधिक जानकारी के लिए स्थानीय कृषि विभाग के कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है। यह योजना न केवल संस्थाओं के लिए एक अवसर है, बल्कि एटा के कृषि परिदृश्य को बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम भी है।

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SuragBureau

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