एटा मेडिकल कॉलेज में MD एनेस्थीसिया कोर्स के लिए विशेषज्ञ टीम का निरीक्षण
एटा मेडिकल कॉलेज में MD एनेस्थीसिया की 3 सीटों के लिए दिल्ली की विशेषज्ञ टीम ने किया निरीक्षण। जानिए क्या है पूरी जानकारी और इसके लाभ।
वीरांगना अवंतीबाई लोधी ऑटोनोमस स्टेट मेडिकल कॉलेज, एटा के संबद्ध चिकित्सालय में आज एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक विकास की दिशा में कदम उठाया गया। दिल्ली से आई एक उच्च-स्तरीय विशेषज्ञ टीम ने मेडिकल कॉलेज का दौरा किया और एनेस्थीसिया विभाग की कार्यप्रणाली का गहन निरीक्षण किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य कॉलेज में एमडी (MD) एनेस्थीसिया की तीन सीटों को शुरू करने के लिए आवश्यक मानकों, बुनियादी ढांचे और संसाधनों का मूल्यांकन करना था।
निरीक्षण प्रक्रिया के दौरान, विशेषज्ञ टीम ने एनेस्थीसिया विभाग के साथ-साथ चिकित्सालय के कई महत्वपूर्ण विभागों का दौरा किया। टीम ने ऑपरेशन थिएटर, इमरजेंसी विभाग, आईसीयू, पीडियाट्रिक वार्ड, एनआईसीयू (NICU), एसएनसीयू (SNCU) और पीआईसीयू (PICU) की कार्यक्षमता को परखा। इसके अतिरिक्त, पैथोलॉजी लैब, ब्लड बैंक, सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड सेंटर जैसी सुविधाओं का भी बारीकी से अवलोकन किया गया। कॉलेज प्रशासन ने टीम के समक्ष सभी आवश्यक अभिलेख, उपलब्ध चिकित्सा उपकरणों की सूची और मानव संसाधन से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
शैक्षणिक और चिकित्सकीय सुविधाओं का विस्तार
मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. बलवीर सिंह ने इस निरीक्षण को संस्थान के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यदि एमडी एनेस्थीसिया के लिए 3 सीटों की स्वीकृति प्राप्त होती है, तो यह संस्थान के शैक्षणिक और चिकित्सकीय विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा। इससे न केवल विशेषज्ञ चिकित्सकों का एक नया वर्ग तैयार होगा, बल्कि एटा और उसके आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को उच्च स्तरीय एनेस्थीसिया सेवाएं प्राप्त करने में भी आसानी होगी।
विशेषज्ञ टीम ने मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और अस्पताल में उपलब्ध प्रशिक्षण व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया। कॉलेज प्रशासन ने विश्वास जताया है कि निरीक्षण के दौरान दिखाई गई बेहतर व्यवस्थाओं के आधार पर नेशनल मेडिकल कमीशन से शीघ्र ही मान्यता प्राप्त होने की प्रबल संभावना है।
प्रमुख अधिकारियों की उपस्थिति
इस अवसर पर चिकित्सा जगत के कई वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ उपस्थित रहे। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश चंद्रा, उप मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मोनू यादव और डॉ. शिवम यादव ने व्यवस्थाओं के सुचारू संचालन में सहयोग दिया। वहीं, नेशनल मेडिकल कमीशन के प्रभारी डॉ. मंजरी कुमारी ने निरीक्षण प्रक्रिया का समन्वय किया।
एनेस्थीसिया विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. ऋतु गुप्ता और स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. साधना सिंह ने अपने-अपने विभागों की कार्यप्रणाली के बारे में टीम को अवगत कराया। इस दौरान डॉ. सत्यवीर शर्मा, डॉ. निधि शर्मा सहित एनेस्थीसिया विभाग के सहायक आचार्य डॉ. स्वेता रानी, डॉ. आतिफ खालिद, डॉ. गौरव माथुर, डॉ. श्रुति गौर, डॉ. पवन कुमार और सीनियर रेजिडेंट डॉ. अस्वनी मित्तल भी उपस्थित रहे।
यह निरीक्षण न केवल मेडिकल कॉलेज के छात्रों के लिए नए अवसर खोलेगा, बल्कि एटा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को भी मजबूत करेगा। कॉलेज प्रशासन का मानना है कि उच्च स्तरीय विशेषज्ञ प्रशिक्षण से आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा।
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