Etah News : मानक से अधिक पटाखे मिलने पर गोदाम सीज, प्रशासन सख्त
एटा में प्रशासन की छापेमारी में पटाखा गोदाम में निर्धारित सीमा से चार गुना अधिक विस्फोटक बरामद, गोदाम सीज कर संचालक पर कानूनी कार्रवाई शुरू।
जनपद एटा में सुरक्षा मानकों के प्रति प्रशासन की सख्ती लगातार जारी है। दीपावली और अन्य त्योहारों के मद्देनजर पटाखों के निर्माण एवं भंडारण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी अरविन्द सिंह के निर्देश पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, हाल ही में प्रशासन की एक संयुक्त टीम ने सहावर रोड स्थित श्याम जी पटाखा गोदाम का औचक निरीक्षण किया, जिसमें गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
जांच में सामने आई विस्फोटक की भारी मात्रा
उपजिलाधिकारी सदर श्वेता सिंह और क्षेत्राधिकारी कृतिका सिंह के नेतृत्व में गठित इस संयुक्त टीम में अग्निशमन विभाग और कोतवाली नगर पुलिस के अधिकारी शामिल थे। निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि गोदाम संचालक रामकुमार गुप्ता ने अपने दो लाइसेंसों की आड़ में सुरक्षा मानकों का खुला उल्लंघन किया था। आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, गोदाम मालिक को कुल 1,000 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री (500-500 किलोग्राम प्रति लाइसेंस) रखने की अनुमति प्राप्त थी। हालांकि, जब टीम ने मौके पर भौतिक सत्यापन किया, तो वहां कुल 3,747.13 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री का अवैध भंडारण पाया गया। यह मात्रा अनुमत सीमा से लगभग चार गुना अधिक थी, जो न केवल लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन है, बल्कि स्थानीय निवासियों के जीवन के लिए एक बड़ा खतरा भी है।
सुरक्षा मानकों को लेकर प्रशासन की कड़ी चेतावनी
इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री का अवैध भंडारण पाए जाने के बाद, संयुक्त टीम ने तत्काल प्रभाव से गोदाम को सीज करने की कार्रवाई की। प्रशासन ने इस मामले में आगे की वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी है और संबंधित संचालक के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जिले में किसी भी स्तर पर सुरक्षा नियमों से समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पटाखा निर्माण और भंडारण से जुड़े प्रत्येक लाइसेंसधारी को निर्धारित सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन करना अनिवार्य है। लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करके आम जनता की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति या प्रतिष्ठान को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन की ओर से निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है:
- नियमित निरीक्षण: सभी लाइसेंसधारी गोदामों का समय-समय पर भौतिक सत्यापन।
- सुरक्षा प्रोटोकॉल: अग्निशमन यंत्रों और आपातकालीन निकासी मार्गों की उपलब्धता की जांच।
- भंडारण सीमा: लाइसेंस में दर्ज मात्रा से अधिक स्टॉक रखने पर तुरंत जब्ती।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित उपजिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में चेकिंग अभियान को निरंतर और प्रभावी बनाए रखें। प्रशासन का यह कदम न केवल संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए है, बल्कि अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने का एक बड़ा संदेश भी है। एटा प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान से पटाखा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है और नियमों के अनुपालन की प्रक्रिया तेज हो गई है। आम जनता से भी अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना स्थानीय प्रशासन को दें ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनहोनी को टाला जा सके।
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