फर्रुखाबाद में बड़े बूढ़े हनुमान जी वार्षिक उत्सव और बुड्ढवा मंगल की शुरुआत
फर्रुखाबाद के अढ़तियान स्थित बड़े बूढ़े हनुमान जी मंदिर में पांच दिवसीय वार्षिक उत्सव का भव्य शुभारंभ, जानिए पूरे कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी।
फर्रुखाबाद के ऐतिहासिक मोहल्ला अढ़तियान में स्थित श्री बड़े बूढ़े हनुमान जी महाराज मंदिर में आध्यात्मिक और धार्मिक उल्लास का वातावरण छा गया है। शुक्रवार 18 सितंबर से मंदिर परिसर में वार्षिक उत्सव की शुरुआत हो गई है, जो आगामी पांच दिनों तक पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न होगा। यह उत्सव न केवल स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है, बल्कि जिले भर के लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है। मंदिर के महंत पंडित दीपक आदित्य के अनुसार, इस बार का आयोजन सभी भक्तों के सक्रिय सहयोग और श्रद्धा के साथ आयोजित किया जा रहा है, जिसका समापन 22 सितंबर को बुड्ढवा मंगल के पावन अवसर पर होगा।
उत्सव के पहले दिन यानी 18 सितंबर को श्री रामचरितमानस के अखंड पाठ के साथ धार्मिक अनुष्ठानों का शुभारंभ किया गया। रामचरितमानस की चौपाइयों से गूंजता मंदिर परिसर भक्तों को भक्ति के सागर में सराबोर कर रहा है। यह पाठ पूरे क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं ताकि सभी भक्त शांतिपूर्वक दर्शन कर सकें।
पाँच दिवसीय कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा
मंदिर समिति द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, भक्तों के लिए प्रत्येक दिन का विशेष महत्व है:
- 18 सितंबर, शुक्रवार: श्री रामचरितमानस पाठ का भव्य शुभारंभ।
- 19 सितंबर, शनिवार: इस दिन भगवान की विशेष शोभायात्रा और राज्याभिषेक का आयोजन किया जाएगा। मंदिर में राजगद्दी सजाई जाएगी, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ेंगे।
- 20 सितंबर, रविवार: हवन और विशाल भंडारे का आयोजन। इस दिन हजारों की संख्या में भक्त प्रसाद ग्रहण करेंगे, जो मंदिर की परंपरा का एक मुख्य हिस्सा है।
- 21 सितंबर, सोमवार: सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाएगा, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो जाएगा।
- 22 सितंबर, मंगलवार: बुड्ढवा मंगल का मुख्य पर्व। इस दिन हनुमान जी की विशेष पूजा-अर्चना और आरती के साथ वार्षिक उत्सव का समापन होगा।
बुड्ढवा मंगल का दिन हनुमान भक्तों के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है। इस दिन मंदिर में विशेष श्रृंगार किया जाता है और हनुमान जी के प्रिय भोग अर्पित किए जाते हैं। महंत पंडित दीपक आदित्य ने बताया कि बुड्ढवा मंगल पर हनुमान जी का आशीर्वाद लेने के लिए दूर-दराज से भी भक्त यहां पहुंचते हैं। मंदिर परिसर में आने वाले हर श्रद्धालु की मनोकामनाएं पूरी होती हैं, यही कारण है कि इस मंदिर की ख्याति निरंतर बढ़ रही है।
इस वार्षिक उत्सव के दौरान मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया है। फूलों की सजावट और रंग-बिरंगी रोशनी से पूरा अढ़तियान क्षेत्र जगमगा उठा है। मंदिर समिति के सदस्यों का कहना है कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे को बढ़ावा देने का भी एक माध्यम है। भंडारे के आयोजन में भी स्थानीय लोगों का बड़ा योगदान रहता है, जो अपनी सेवा से इसे सफल बनाते हैं।
श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे निर्धारित समय पर मंदिर पहुंचकर दर्शन का लाभ उठाएं। साथ ही, कोविड-19 के दौर के बाद से अब भीड़ के प्रबंधन के लिए स्वयंसेवकों की एक विशेष टीम तैनात की गई है, जो दर्शन कतारों को सुचारू रूप से संचालित करेगी। आने वाले मंगलवार को बुड्ढवा मंगल के मुख्य आयोजन के दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की संभावना है, जिसे देखते हुए मंदिर प्रशासन ने विशेष बैरिकेडिंग और सुरक्षा की व्यवस्था की है। आप सभी भक्त इस पावन उत्सव में सम्मिलित होकर हनुमान जी महाराज का आशीर्वाद अवश्य प्राप्त करें।
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