बार-बार चेतावनी के बाद भी नहीं बदली तस्वीर, विद्यालयों में घोर लापरवाही
बार-बार चेतावनी के बाद भी नहीं बदली तस्वीर, विद्यालयों में घोर लापरवाही
राजेपुर/ फर्रुखाबाद। विकासखंड राजेपुर के पांच सरकारी विद्यालयों का गुरुवार को खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) राजीव श्रीवास्तव ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यों में गंभीर लापरवाही सामने आई। कहीं शिक्षक निर्धारित समय से देरी से पहुंचे, कहीं बच्चों का सामान्य ज्ञान कमजोर मिला, तो एक विद्यालय में निर्धारित समय से पहले ही छुट्टी कर दी गई। इस पर बीईओ ने संबंधित शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए। बीईओ ने प्राथमिक विद्यालय हीरानगर, संविलियन विद्यालय रुल्लापुर, प्राथमिक विद्यालय भावन तथा प्राथमिक विद्यालय मढ़ैया तौफीक सहित पांच विद्यालयों का निरीक्षण कर शिक्षण व्यवस्था, विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर, मध्याह्न भोजन, विद्यालय भवन और अभिलेखों की जांच की।
संविलियन विद्यालय रुल्लापुर में शिक्षक राज तिवारी निर्धारित समय से देरी से विद्यालय पहुंचे, जिस पर बीईओ ने नाराजगी जताते हुए भविष्य में समयपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्राथमिक विद्यालय भावन में बच्चों से दिन और तारीख पूछे जाने पर कई छात्र-छात्राएं सही उत्तर नहीं दे सके। इस पर बीईओ ने शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के साथ बच्चों के सामान्य ज्ञान पर विशेष ध्यान देने की हिदायत दी। विद्यालय में मेंटेनेंस मद से हुए खर्च के बिल और अभिलेख भी तत्काल प्रस्तुत नहीं किए जा सके। साथ ही विद्यालय भवन की एक खिड़की टूटी हुई मिली, जिसे शीघ्र ठीक कराने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान बीईओ ने स्वयं बच्चों को पढ़ाकर उनकी शैक्षिक क्षमता का भी आकलन किया। निरीक्षण के अंतिम चरण में बीईओ प्राथमिक विद्यालय मढ़ैया तौफीक पहुंचे, जहां निर्धारित समय से पहले ही बच्चों की छुट्टी कर दी गई थी। इस पर उन्होंने संबंधित स्टाफ को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि विद्यालय शासन द्वारा निर्धारित समय तक ही संचालित किए जाएं और किसी भी प्रकार की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गौरतलब है कि इससे पहले भी खंड शिक्षा अधिकारी राजीव श्रीवास्तव विकासखंड राजेपुर के कई विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर चुके हैं। उस दौरान भी शिक्षकों की देर से उपस्थिति, शैक्षिक गुणवत्ता में कमी और विद्यालयी व्यवस्थाओं में लापरवाही सामने आई थी। तब संबंधित शिक्षकों को चेतावनी देकर सुधार का अवसर दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद एक बार फिर निरीक्षण में लगभग वही स्थिति देखने को मिली।
इस संबंध में जब बेसिक शिक्षा अधिकारी फर्रुखाबाद विश्वनाथ प्रताप सिंह से उनके सीयूजी नंबर पर संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी की निरीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उसका परीक्षण किया जाएगा। रिपोर्ट में जिन शिक्षकों की लापरवाही प्रमाणित होगी, उनके विरुद्ध विभागीय नियमों के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। खंड शिक्षा अधिकारी राजीव श्रीवास्तव ने कहा कि विद्यालयों में लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी शिक्षकों को समय से विद्यालय पहुंचने, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने, अभिलेख अद्यतन रखने तथा विद्यालय की व्यवस्थाओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। लगातार निरीक्षणों में एक जैसी लापरवाही सामने आने से ग्रामीणों में भी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि केवल चेतावनी देने से व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है। बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले लापरवाह शिक्षकों के विरुद्ध सख्त विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि सरकारी विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था में वास्तविक सुधार दिखाई दे।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)