अमृतपुर की जर्जर सड़क: दो दशक बाद भी नहीं निकला समाधान
फर्रुखाबाद के अमृतपुर में 300 मीटर सड़क बदहाल, जलभराव और कीचड़ से परेशान ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी। निर्माण कार्य की मांग तेज।
फर्रुखाबाद जिले के अमृतपुर कस्बे में करीब 300 मीटर लंबी सड़क का मुद्दा पिछले दो दशकों से स्थानीय निवासियों के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग से पूर्व ऊर्जा मंत्री स्व. ब्रह्मदत्त द्विवेदी के आवास की ओर जाने वाला यह मुख्य मार्ग आज अपनी बदहाली के आंसू रो रहा है। सड़क पर गहरे गड्ढे, हर समय भरा रहने वाला गंदा पानी और सड़क के दोनों ओर उगी झाड़ियां राहगीरों के लिए न केवल असुविधा का कारण हैं, बल्कि दुर्घटनाओं को भी न्यौता दे रही हैं।
प्रशासनिक उदासीनता और आश्वासनों का सिलसिला
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने इस सड़क को बनवाने के लिए जनप्रतिनिधियों से लेकर विभागीय अधिकारियों तक कई बार पत्राचार किया है, लेकिन हर बार उन्हें केवल कोरे आश्वासन ही मिले हैं। अमृतपुर विधायक सुशील कुमार शाक्य ने मौके का निरीक्षण कर निर्माण का वादा किया था, वहीं ग्राम प्रधान सचिन देव तिवारी और जिला पंचायत सदस्य अजय कुमार सिंह चौहान ने भी इस समस्या को लेकर उच्च स्तर पर बात पहुंचाई है। बावजूद इसके, धरातल पर कोई कार्य शुरू नहीं हो सका है।
निवासियों की आपबीती और सुरक्षा का संकट
सड़क पर जलभराव और गंदगी के कारण आसपास रहने वाले परिवारों का जीवन दूभर हो गया है। स्थानीय निवासी मंजू देवी ने बताया कि बच्चों को स्कूल जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने दर्द साझा करते हुए बताया कि सड़क की खराब स्थिति के कारण उनके पति को सांप ने काट लिया था। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस बार सड़क का निर्माण नहीं हुआ, तो वे आगामी चुनावों में मतदान नहीं करेंगी। इसी तरह वेदवती और रीता देवी जैसी अन्य महिलाओं ने भी बताया कि जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश के दिनों में बस्ती का गंदा पानी घरों में घुस जाता है, जिससे बीमारी फैलने का खतरा हमेशा बना रहता है।
अधिकारियों का पक्ष और भविष्य की राह
इस मामले पर जब मंडी परिषद कानपुर के अधिशासी अभियंता पंकज गुप्ता से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि उनके पास अभी तक इस विशिष्ट सड़क के संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंडी परिषद के अंतर्गत लगभग 125 सड़कें आती हैं। यदि यह सड़क मंडी समिति के अधिकार क्षेत्र में आती है, तो जांच के बाद निर्माण प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
जनता की स्पष्ट मांग
कस्बावासियों का धैर्य अब जवाब दे चुका है। छोटेलाल, ताना शर्मा, रिंकू बाबा, हर्षित, धर्मवीर पटवा, बुधपाल, देवेश शुक्ला, सर्वेश, राजीव, शिवकुमार, सुनील, अमरदीप, टिंकू, बिक्कू अवस्थी, रामसिंह, अखिलेश, अनिल, सोनू, संतोष, बहादुर, बिजेंद्र, झंगड़ी, बिच्छू, राजीव, मीना, और विश्वमोहिनी सहित दर्जनों ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से मांग की है कि सड़क के साथ-साथ जलनिकासी के लिए पक्के नाले का निर्माण भी अनिवार्य रूप से किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अब और अधिक आश्वासनों की आवश्यकता नहीं है, बल्कि तत्काल प्रभाव से निर्माण कार्य का धरातल पर दिखना जरूरी है। यह सड़क कस्बे की बड़ी आबादी की जीवन रेखा है, जिसे लंबे समय तक अनदेखा करना स्थानीय विकास के दावों पर सवालिया निशान खड़ा करता है।
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