गैस चेकिंग के दौरान फटा एसी कंप्रेसर, दो लोग गंभीर रूप से घायल, धमाके से दहला इलाका
गैस चेकिंग के दौरान फटा एसी कंप्रेसर, दो लोग गंभीर रूप से घायल, धमाके से दहला इलाका
फर्रुखाबाद/ शहर के डिग्गी ताल मोहल्ले में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान पर एसी कंप्रेसर की जांच के दौरान अचानक जोरदार धमाका हो गया। कंप्रेसर फटने से दुकान मालिक समेत दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग दहशत में अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। जानकारी के अनुसार डिग्गी ताल स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान के संचालक मोहम्मद नाजिम अपने सहयोगी अताउल्लाह के साथ एसी कंप्रेसर की तकनीकी जांच कर रहे थे। बताया जा रहा है कि कंप्रेसर में नाइट्रोजन गैस भरकर उसकी लीकेज और कार्यक्षमता की जांच की जा रही थी। इसी दौरान अचानक कंप्रेसर तेज धमाके के साथ फट गया, जिससे दुकान के अंदर मौजूद दोनों लोग उसकी चपेट में आ गए। हादसे में दुकान मालिक मोहम्मद नाजिम सबसे ज्यादा घायल हुए।
कंप्रेसर के फटने से निकले धातु के टुकड़े उनकी गर्दन के पास जा लगे, जिससे गहरा घाव हो गया और अत्यधिक रक्तस्राव शुरू हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाके के बाद नाजिम खून से लथपथ हालत में दुकान से बाहर निकले। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बावजूद उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। लगातार खून बहने और हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए कानपुर के हायर सेंटर रेफर कर दिया। वहां उनका उपचार जारी है और उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। वहीं हादसे में मऊ दरवाजा थाना क्षेत्र के बाबरपुर निवासी अताउल्लाह भी गंभीर रूप से घायल हो गए। कंप्रेसर फटने के बाद निकली गैस और मलबा सीधे उनकी आंखों में चला गया, जिससे उनकी दोनों आंखों की पुतलियां प्रभावित हो गईं। इसके अलावा नाक और पेट पर भी गंभीर चोटें आईं। चिकित्सकों ने उनकी नाक पर तीन तथा पेट पर दो टांके लगाए हैं। डॉक्टरों के अनुसार आंखों की सफाई और उपचार में करीब एक घंटे का समय लगा। राहत की बात यह है कि उनकी आंखों की रोशनी सुरक्षित रहने की संभावना है, हालांकि पूरी तरह स्वस्थ होने में लंबा समय लग सकता है। कंप्रेसर फटने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग सहम गए। कुछ समय के लिए पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए और हादसे को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। इस हादसे ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मरम्मत और गैस चेकिंग के दौरान बरती जाने वाली सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कार्यों के दौरान सुरक्षा उपकरणों और मानकों का पालन न किया जाए तो छोटे से छोटा परीक्षण भी बड़े हादसे का रूप ले सकता है। फिलहाल दोनों घायलों का उपचार जारी है और स्थानीय लोग उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
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