DM से शिकायत करना पड़ा भारी! SDM पर पीड़ित को धमकाने का आरोप, वायरल ऑडियो से मचा प्रशासनिक भूचाल
DM से शिकायत करना पड़ा भारी! SDM पर पीड़ित को धमकाने का आरोप, वायरल ऑडियो से मचा प्रशासनिक भूचाल
"नेतागिरी उतार देंगे, किसी भी कीमत पर ज्ञापन नहीं देने देंगे" — कथित ऑडियो वायरल, निष्पक्ष जांच की मांग तेज
कायमगंज/फर्रुखाबाद कायमगंज तहसील में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। तहसील दिवस में शिकायत करने वाले एक पीड़ित ने उप जिलाधिकारी (SDM) अतुल कुमार सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि जिलाधिकारी से शिकायत करने के बाद पीड़ित को एसडीएम कार्यालय में बुलाकर न केवल फटकार लगाई गई, बल्कि उसे कथित तौर पर धमकाने और दबाव बनाने का भी प्रयास किया गया। इस पूरे प्रकरण से जुड़ा एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। जानकारी के अनुसार 29 लोगों को हवालात में बंद किए जाने के मामले में एक पीड़ित ने तहसील दिवस के दौरान अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। बाद में उसने इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी से भी की। आरोप है कि शिकायत की जानकारी मिलने पर एसडीएम ने उसे अपने चेंबर में बुलाया और सवाल किया कि आखिर उसने जिलाधिकारी से शिकायत करने की हिम्मत कैसे की।
वायरल हो रहे कथित ऑडियो में कुछ ऐसे संवाद सुनाई देने का दावा किया जा रहा है, जिनमें "नेतागिरी उतार देंगे" और "किसी भी कीमत पर ज्ञापन नहीं देने देंगे" जैसे शब्द शामिल हैं। यदि ऑडियो की पुष्टि होती है तो यह मामला प्रशासनिक मर्यादा और शिकायतकर्ताओं के अधिकारों पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर सकता है। पीड़ित का आरोप है कि उसने अपनी बीमारी और कमर दर्द का हवाला दिया, लेकिन इसके बावजूद उस पर दबाव बनाया गया। इतना ही नहीं, वायरल ऑडियो में कथित तौर पर पुलिस अधिकारियों को फोन पर निर्देश दिए जाने की बातें भी सुनाई देने का दावा किया जा रहा है। इस ऑडियो के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों में नाराजगी बढ़ती दिखाई दे रही है। क्षेत्र में चर्चा है कि यदि कोई नागरिक अपनी समस्या लेकर उच्च अधिकारियों तक पहुंचता है तो उसे भयमुक्त वातावरण मिलना चाहिए, लेकिन इस मामले में उल्टा शिकायतकर्ता ही दबाव और धमकी का शिकार होने का आरोप लगा रहा है। यही वजह है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग लगातार तेज होती जा रही है। हालांकि, इस पूरे मामले में अभी तक वायरल ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। प्रशासन की ओर से भी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
ऐसे में ऑडियो की सत्यता और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल वायरल ऑडियो और लगाए गए आरोपों ने कायमगंज तहसील की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन की प्रतिक्रिया और संभावित जांच पर टिकी हुई हैं।
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