अब बिना फार्मर आईडी नहीं मिलेगी सम्मान निधि, खाद और MSP का लाभ
अब बिना फार्मर आईडी नहीं मिलेगी सम्मान निधि, खाद और MSP का लाभ —किसान तुरंत कराएं पंजीकरण” सरकारी योजनाओं का लेना है लाभ तो तुरंत बनवाए फार्मर आईडी उप निदेशक कृषि
एटा । शासन के निर्देशानुसार जनपद के समस्त किसानों के लिए फार्मर आईडी (किसान पहचान पत्र) बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है। दिनांक 1 मई 2026 से बिना किसान पहचान पत्र के किसी भी कृषक को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, उर्वरक (खाद) एवं अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं दिया जाएगा। उप कृषि निदेशक, एटा ने जानकारी देते हुए बताया कि शासन की एग्रीस्टैक (AgriStack) योजना के अंतर्गत किसानों का डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है, जिसे आईएफएमएस (IFMS) पोर्टल से जोड़ा जा रहा है। इससे समस्त प्रक्रियाएं पारदर्शी एवं पूर्णतः डिजिटल रूप से संचालित होंगी। उन्होंने बताया कि 31 मई 2026 के बाद कृषि विभाग एवं संबंधित विभागों—जैसे उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता आदि—की सभी लाभार्थीपरक योजनाओं में किसान पहचान पत्र अनिवार्य कर दिया जाएगा।
भविष्य में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का भुगतान भी केवल उन्हीं किसानों को किया जाएगा, जिनके पास वैध किसान पहचान पत्र होगा। इसके अतिरिक्त उर्वरकों का वितरण सहकारी समितियों एवं निजी विक्रेताओं के माध्यम से किसान पहचान पत्र के आधार पर किया जाएगा। साथ ही, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं, धान एवं अन्य फसलों की खरीद भी केवल पहचान पत्र धारक किसानों से ही की जाएगी। जनपद के समस्त किसानों से अपील की जाती है कि वे शीघ्र अपना किसान पहचान पत्र बनवाना सुनिश्चित करें, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उप कृषि निदेशक ने बताया कि फार्मर आईडी बनवाने के लिए किसान राजस्व विभाग के लेखपाल, कृषि विभाग के प्राविधिक सहायक अथवा जन सेवा केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।
इसके लिए आधार कार्ड, खतौनी, बैंक पासबुक की फोटोकॉपी एवं आधार से लिंक मोबाइल नंबर आवश्यक होगा। किसान स्वयं जन सेवा केंद्र पर जाकर आसानी से अपना पंजीकरण करा सकते हैं। अंत में उन्होंने सभी कृषकों से आह्वान किया कि वे समय रहते अपना फार्मर आईडी बनवाकर समस्त शासकीय योजनाओं का लाभ निर्बाध रूप से प्राप्त करें।