सनातन व नारी सम्मान पर बड़ी लकीर खींचते योगी
सनातन व नारी सम्मान पर बड़ी लकीर खींचते योगी
मृत्युंजय दीक्षित
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजनीति से ऊपर उठकर सनातन धर्म तथा स्त्री गरिमा तथा सम्मान के हित में बड़ी रेखाएं खींच रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने सपा मुखिया अखिलेश यादव की बेटी के प्रति सोशल मीडिया के माध्यम से आपत्तिजनक बयानबाजी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने केआदेश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद अपराधियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गयी है। मुख्यमंत्री ने सख्ती के साथ कहा है कि किसी भी बेटी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए हर बेटी का सम्मान होना चाहिए। हम उन संस्कारों में पले -बढ़े हैं जहां गांव की बेटी -बहन को पूरे गांव की बेटी -बहन माना जाता है। मुख्यमंत्री योगी बेटियों की सुरक्षा के लिए संकल्पवान हैं । वह कई जनसभाओं मे अपना मंतव्य स्पष्ट कर चुके हैं कि अगर किसी ने बेटियों की सुरक्षा में सेंध लगाने का प्रयास किया तो अगले चैराहे पर उसका इंतजार यमराज कर रहा होगा। योगी जी के बयानों का असर धरातल पर भी दिखाई पड़ता है। बेटियों के साथ होने वाली अप्रिय घटनाओं पर त्वरित कार्यवाही हो रही है।
आरोपियों का हाफ एनकाउंटर हो रहा है तथा आवश्यकता पड़ने पर बुलडोजर एक्शन भी हो रहे हैं। प्रदेश में नारी समाज को सशक्त बनाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। नवरात्रि के अवसर पर मिशन शक्ति जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं । केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से नारी सशक्तीकरण का महाअभियान चलाया जा रहा है। सपा मुखिया अखिलेश यादव की बेटी पर टिप्पणी करने वालों के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रवैया दिखाकर सपा मुखिया अखिलेश यादव द्वारा बुने जा रहे चक्रव्यूह को एक ही झटके में ध्वस्त कर दिया है। सपा मुखिया अखिलेश की बेटी अदिति पर सोशल मीडियापर अभद्र टिप्प्णी के बाद मुख्यमंत्री योगी ने जो एक्शन लिया है उसने इस दुखद घटना पर बनाए जा रहे सपा के राजनैतिक नैरेटिव को ध्वस्त कर दिया है। जब सोशल मीडिया के माध्यम से यह विवाद बड़े राजनीतिक तूफान में बदल रहा था और सपा योगी जी व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह कहकर घेरने का प्रयास कर रही थी कि, “जिनका खुद का परिवार नहीं वो परिवार का दर्द क्या समझेंगे“ तब योगी जी इस घटना के जिम्मेदार लोगों को ढूंढ रहे थे। योगी जी ने अपराधियों पर तुरंत एफआईआर कराने के निर्देश जारी करते हुए कहा कि वह किसी भी बेटी क्यों न हो बेटी पर अभद्र टिप्पणी बर्दाश्त नहीं है। यूपी चुनाव से पहले योगी आदित्यनाथ ने अपने इस कदम से सिद्ध कर दिया है कि महिला सुरक्षा और सम्मान के मामले में उनकी सरकार बिना किसी भेदभाव के काम करती है।
इससे सपा मुखिया रक्षात्मक रुख अपनाने को बाध्य हो गए हैं । अब भाजपा सपा के पुराने बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट्स को लेकर उस पर हमलावर है। जो मुद्दा सरकार को घेरने के लिए तैयार किया जा रहा था उस पर योगी जी की प्रशासनिक और राजनीतिक सूझबूझ का बुलडोजर चल गया है। समाजवादी पूर्व में कई बार नारी सम्मान व उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली बयानबाजी करते रहे हैं । स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव ने एक बार कहा था कि “लड़के हैं गलतियां हो जाती हैं। सपा के कद्दावर नेता माने जाने वाले आजम खां जैसे नेता तो कई बार महिलाओं की गरिमा के खिलाफ अभद्र टिप्पणी कर चुके हैं । मायावती जी पर तो सपाइयों ने हमला ही बोल दिया था। सपा राज में महिला सुरक्षा की कितनी बुरी स्थिति थी यह हर कोई जानता है। योगी की पाती दे रही सनातन विचार - विश्व वृद्धजन दुर्व्यवहार जागरुकता दिवस पर योगी जी ने एक पाती जारी की है। इस पाती में उन्होंने वृद्धजनों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए लिखा है कि उम्र के अमृतकाल में वृद्धजनों को अपनत्व की सर्वाधिक आवश्यकता होती है, दुर्भाग्य से समाज ऐसे समय का साक्षी बन रहा है जब वृद्धजनों को अपनों का दुर्व्यवहार सहना पड़ता है। योगी जी ने आगे लिखा है कि सनातन संस्कृति में माता- पिता और गुरु को साक्षात ईश्वर माना जाता है। पाती में योगी ने एक प्राचीन कथा के माध्यम से इस विषय को समझाया। भगवान शिव- पार्वती ने पुत्र गणेश जी और कार्तिकेय के समक्ष समस्त जगत की परिक्रमा की चुनौती रखी। भगवान गणेश ने माता -पिता को ही संपूर्ण सृष्टि मानकर उनकी परिक्रमा कर ली। उन्होंने भगवान श्रीराम का भी उदाहरण दिया।
योगी जी का स्पष्ट कहना है कि सनातन, धार्मिक तथा सामाजिक परंपराओें, पारिवारिक संबंधों एवं मूल्यों पर आधारित जीवन शैली है। सनातन में बड़ों का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेने की परंपरा है ऐसा इसलिए क्योंकि वे हमारी संस्कृति और जीवन मूल्यों के धरोहर हैं ।वृद्धजनों का सम्मान केवल संस्कर नहीं बल्कि हमारी गौरवशाली सभ्यता की पहचान है। अपनी पाती मे वह बता रहे हैं कि वृद्धजन व निराश्रित महिलाओं के लिए प्रदेश सरकार ने 1500 रुपए प्रति माह पेंशन देने का निर्णय लिया है। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार सनातन संस्कृति के विचारों पर चलते हुए उन्हें आगे बढ़ा रही है और सनातन संस्कृति को पुष्ट करने वाले निर्णय ले रही है।
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