फर्रुखाबाद का ऐतिहासिक काम्पिल बनेगा विश्वस्तरीय पर्यटन हब, महाभारत सर्किट के तहत 4.70 करोड़ की परियोजना को मिली मंजूरी

Mar 31, 2026 - 20:53
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फर्रुखाबाद का ऐतिहासिक काम्पिल बनेगा विश्वस्तरीय पर्यटन हब, महाभारत सर्किट के तहत 4.70 करोड़ की परियोजना को मिली मंजूरी
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फर्रुखाबाद का ऐतिहासिक काम्पिल बनेगा विश्वस्तरीय पर्यटन हब, महाभारत सर्किट के तहत 4.70 करोड़ की परियोजना को मिली मंजूरी

फर्रुखाबाद / उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में स्थित ऐतिहासिक काम्पिल्य (कंपिल) जल्द ही वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक नई चमक के साथ उभरने वाला है। महाभारत काल की स्मृतियों को सहेजने और द्रौपदी की जन्मस्थली को विश्वस्तरीय पर्यटन हब बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने 4.70 करोड़ रुपये की एक वृहद परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत प्रथम किश्त के रूप में 1.40 करोड़ रुपये जारी भी कर दिए गए हैं। आधुनिक तकनीक से जीवंत होगा द्वापर युग का इतिहास उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि सरकार काम्पिल्य की सांस्कृतिक धरोहरों को संवारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

द्वापर युग की इस प्राचीन भूमि को आधुनिक तकनीक से लैस कर पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। पर्यटकों को महाभारत काल के इतिहास और घटनाओं से रूबरू कराने के लिए करीब 2.37 करोड़ रुपये की लागत से चार 'इंटरैक्टिव इंटरप्रिटेशन इंस्टॉलेशन' स्थापित किए जाएंगे। इन हाई-टेक इंस्टॉलेशन के जरिए द्रौपदी का जन्म, द्रौपदी-श्रीकृष्ण की मित्रता, द्रौपदी का स्वयंवर और कपिल मुनि के आश्रम में दी जाने वाली शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण पौराणिक प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। रामेश्वर नाथ मंदिर को मिलेगा 30 लाख की लागत से भव्य प्रवेश द्वार पर्यटन विकास योजना के तहत काम्पिल्य के प्राचीन रामेश्वर नाथ मंदिर को भी भव्य स्वरूप दिया जा रहा है। लगभग 30 लाख रुपये से अधिक की लागत से आकर्षक और पारंपरिक स्थापत्य शैली पर आधारित एक भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण किया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, त्रेता युग में भगवान राम के अनुज शत्रुघ्न ने यहाँ शिवलिंग की स्थापना की थी। विशेषकर सावन के महीने में यहाँ भक्तों का भारी जनसैलाब उमड़ता है। पर्यटकों को स्थल का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व समझाने के लिए भव्य 'स्टोन स्टोरी बोर्ड इंटरप्रिटेशन पैनल' भी लगाए जाएंगे। पर्यटकों की सुविधाओं पर रहेगा विशेष जोर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए करीब 55 लाख रुपये की धनराशि से एक आधुनिक 'टूरिस्ट फैसिलिटी सेंटर' भी विकसित किया जाएगा।

इसके अंतर्गत साफ-सुथरे शौचालय, स्वच्छ पेयजल, आराम के लिए विश्राम स्थल, कैफेटेरिया और कार्यालय जैसी सभी जरूरी सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध कराई जाएंगी। काम्पिल्य का गौरव पुनः स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम कभी पांचाल राज्य की राजधानी रहा काम्पिल्य आज भी अपनी ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत के कारण खास पहचान रखता है। यह स्थल न केवल हिंदू धर्म, बल्कि जैन और बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है। यह जैन धर्म के 13वें तीर्थंकर भगवान विमलनाथ की जन्मस्थली है और भगवान बुद्ध से जुड़े पवित्र स्थल 'संकिसा' के निकट स्थित है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार प्रदेश को 12 विशिष्ट पर्यटन सर्किटों में विभाजित किया गया है। रामायण और इको सर्किट के सकारात्मक परिणामों के बाद, अब 'महाभारत सर्किट' के तहत काम्पिल्य का यह सर्वांगीण विकास दुनियाभर में फैले भगवान कृष्ण के अनुयायियों और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करेगा।