लखनऊ: दरोगा पर लगा विवेचना के दौरान पीड़िता से यौन शोषण का आरोप
लखनऊ के आशियाना थाने में तैनात दरोगा धर्मवीर शाही पर एक युवती ने शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण और धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। जांच जारी है।
राजधानी लखनऊ के आशियाना थाने में तैनात एक दरोगा पर गंभीर आरोप लगे हैं, जिसने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मानकनगर क्षेत्र की रहने वाली एक युवती ने दरोगा धर्मवीर शाही के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि विवेचना के दौरान दरोगा ने न केवल अपने पद का दुरुपयोग किया, बल्कि उसे शादी का झांसा देकर लंबे समय तक शारीरिक शोषण भी किया।
युवती का आरोप है कि वह पहले से ही एक अन्य मामले में पीड़ित थी। उसने अपने पूर्व प्रेमी अभिषेक सिंह के खिलाफ शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले की विवेचना का जिम्मा दरोगा धर्मवीर शाही को सौंपा गया था। पीड़िता का कहना है कि जांच के दौरान दरोगा ने फोन पर बातचीत शुरू की और धीरे-धीरे निजी संबंधों को गहरा करने का प्रयास किया।
आरोपों की गंभीरता और घटनाक्रम
पीड़िता के अनुसार, दरोगा ने उसे भरोसा दिलाया था कि वह उसके साथ जीवन भर रहेगा और शादी करेगा। विश्वास में आकर युवती उनके करीब आ गई। इस दौरान दोनों के बीच शारीरिक संबंध भी बने। मामला तब और उलझ गया जब करीब डेढ़ महीने पहले दरोगा उसे वाराणसी घुमाने ले गए। वहां संयोगवश उनका सामना दरोगा की पत्नी से हो गया, जिसके बाद से ही दोनों के बीच विवादों का सिलसिला शुरू हो गया।
युवती ने अपनी शिकायत में आगे बताया कि 30 जुलाई को जब वह अपनी मां के साथ अपोलो अस्पताल में इलाज कराने गई थी, तब उसे फोन करके थाने बुलाया गया। आरोप है कि थाने में उसके साथ न केवल बदसलूकी की गई, बल्कि गाली-गलौज करते हुए मारपीट भी की गई। पीड़िता ने यह भी दावा किया है कि दरोगा ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया है ताकि उसमें मौजूद सबूतों को मिटाया जा सके और उसे लगातार जान से मारने की धमकी दी जा रही है।
जांच के दायरे में दरोगा की कार्यशैली
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दरोगा धर्मवीर शाही अक्सर पीड़िता के घर पर भी आते-जाते थे, जिससे उनके संबंधों की चर्चा स्थानीय स्तर पर भी होने लगी थी। जब मामला तूल पकड़ने लगा और युवती ने अफसरों के दरबार में न्याय की गुहार लगाई, तब जाकर इस पूरे प्रकरण ने प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया।
मामले में अब तक की कार्रवाई:
- पीड़िता द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित शिकायत दी गई है।
- शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने मामले की जांच एसीपी कैंट को सौंप दी है।
- दरोगा के खिलाफ लगे आरोपों की पुष्टि के लिए तकनीकी साक्ष्यों और कॉल रिकॉर्ड्स की पड़ताल की जा रही है।
- जांच रिपोर्ट के आधार पर भविष्य की विभागीय और कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
इस घटना ने पुलिस और जनता के बीच के भरोसे को एक बार फिर से कटघरे में खड़ा कर दिया है। पीड़ित युवती का कहना है कि उसे अब भी अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है और वह लगातार पुलिस अधिकारियों से सुरक्षा और न्याय की मांग कर रही है। फिलहाल, एसीपी कैंट की जांच टीम इस पूरे घटनाक्रम की बारीकी से पड़ताल कर रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषी पाए जाने पर दरोगा के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सके।
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