50 लाख से ऊपर के निर्माण कार्यों पर डीएम का हंटर, घटिया काम और देरी पर होगी सीधी कार्रवाई
50 लाख से ऊपर के निर्माण कार्यों पर डीएम का हंटर, घटिया काम और देरी पर होगी सीधी कार्रवाई
फर्रुखाबाद/ जिले में करोड़ों रुपये की लागत से चल रहे विकास कार्यों में अब किसी भी तरह की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार, फतेहगढ़ में आयोजित समीक्षा बैठक में 50 लाख रुपये से अधिक लागत वाली निर्माण परियोजनाओं की प्रगति का बारीकी से परीक्षण किया और संबंधित विभागों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनता के पैसे से बनने वाले कार्य तय समय सीमा और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे होने चाहिए। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित निर्माण कार्यों की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की समीक्षा करते हुए डीएम ने धीमी गति से चल रही परियोजनाओं पर नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब करते हुए कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। जिन परियोजनाओं की प्रगति संतोषजनक नहीं मिली, उन्हें तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए गए।
डीएम ने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। सभी कार्यदायी संस्थाएं नियमित रूप से स्थलीय निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप हो। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक निर्माण कार्य की प्रगति के फोटो गूगल लोकेशन के साथ उपलब्ध कराए जाएं, ताकि कार्यों की वास्तविक स्थिति की प्रभावी निगरानी की जा सके। बैठक में जल निगम को विशेष रूप से चेतावनी देते हुए डीएम ने कहा कि पाइपलाइन डालने के बाद यदि सड़कें क्षतिग्रस्त होती हैं तो उनकी तत्काल मरम्मत कराई जाए। यदि सड़क मरम्मत में लापरवाही या जनता की शिकायत मिली तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नगर पालिका परिषद को भी सख्त निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने बिना स्वीकृत नक्शे के बने भवनों और अवैध निर्माणों के विरुद्ध प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई पूरी करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। डॉ. लाठर ने यह भी कहा कि यदि कोई कार्यदायी संस्था गुणवत्ता मानकों की अनदेखी करती है या लापरवाही बरतती है तो उसकी रिपोर्ट सीधे शासन को भेजी जाएगी। उन्होंने भूमि, विद्युत, जलापूर्ति तथा अन्य विभागीय बाधाओं का तत्काल समाधान करने और सभी विभागों को बेहतर समन्वय के साथ निर्धारित समय-सीमा में परियोजनाएं पूरी करने के निर्देश दिए।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है। जनता के हितों से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर की लापरवाही अब सीधे जवाबदेही और कार्रवाई का कारण बनेगी।
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