राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत आज जिला संयुक्त चिकित्सालय में मनचेतना दिवस का आयोजन

Jan 04, 2024 - 18:24
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राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत आज जिला संयुक्त चिकित्सालय में मनचेतना दिवस का आयोजन

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राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत आज जिला संयुक्त चिकित्सालय में मनचेतना दिवस का आयोजन किया गया जिसका उद्घाटन माननीय मुख्य चिकित्सा अधिकारी के करकमलोंद्वारा फीता काटकर शुभारंभ किया गया।

ततपश्चात हस्ताक्षर अभियान मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, अवनीश सक्सेना समाज सेवी ,नोडल अधिकारी एन० सी० डी ० डॉ कृष्ण अवतार, डॉ दिनेश डॉ अंकित यादव तथा डॉ देवेंद्र सिंह व अन्य कर्मचारियों द्वारा चलाया गया।

 मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि मानसिक बीमारी होने पर घबराना नहीं है उसके इलाज के लिए आपको ज़िला चिकित्सालय के कमरा नंबर 204 में संपर्क करना चाहिए। मानसिक बीमारी होने पर भी लोगो को पता नही चलता हैं कि बो मानसिक रोगी है इसी जागरूकता के लिए आज का कैम्प लगाया गया है।जिस प्रकार एक व्यक्ति घर में ताला लगाने के बावजूद भी मन में सोचता रहता है कि शायद उसने ताला लगाया है या नहीं कहीं ताला खुला तो नही रह गया यह भी एक प्रकार की मानसिक बीमारी है जिसका इलाज संभव है।

 मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ संजीव सक्सेना ने बताया कि जिला मानसिक इकाई टीम के सदस्य वीरेंद्र कुमार पीएसडब्ल्यू अरुण कुमार साइकाइट्रिक नर्स आस्था क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट आदि है जो मानसिक रोगियों को मानसिक रोगों से निजात दिलाने में भरपूर सहयोग करते हैं।

नोडल अधिकारी डॉक्टर डॉ कुलदीप सिंह ने बताया कि बीमारियां दो प्रकार की होती एक मानसिक बीमारी तथा एक शारीरिक बीमारी लेकिन मानसिक बीमारी होते हुए भी लोगों को पता नहीं चल पाता है कि वह इस मानसिक बीमारी से ग्रस्त है उनको यह भी नहीं पता लगता है कि मानसिक बीमारी होने पर हमें किसे को दिखाना है और भटक कर जादू टोना करने वाले तांत्रिक या भगत के पास चले जाते हैं और उनसे धागा आदि बनवाकर अपना इलाज करते हैं जो कि तरीका गलत है ।

अगर कोई भी मानसिक बीमारी से ग्रस्त है तो उसको जिला अस्पताल के मनकक्ष कमरा नंबर 204 में आकर साइकैटरिस्ट से सलाह लेनी चाहिए और डॉक्टर द्वारा दी गई दवाइयां को नियमित रूप से खाना चाहिए। साइकाइट्रिक नर्स अरुण कुमार ने बताया तनाव ,घबराहट ,चिंता ,भूत प्रेत की छाया का भरम होना ,नींद कम या बहुत अधिक आना ,दौरे पड़ना,बेहोश होना, मस्तिष्क का विकास कम होना आदि।

 मानसिक बीमारियों के लक्षण हैं इनका इलाज जिला चिकित्सालय में संभव है। साइकाइट्रिक सोशल वर्कर वीरेंद्र कुमार ने बताया कि किसी भी प्रकार की मानसिक समस्या होने पर प्रत्येक सोमवार बुधवार एवं शुक्रवार को जिला चिकित्सालय के मनकक्ष कमरा नंबर 204 में सलाह लेनी चाहिए तथा टेलीमानस की हेल्पलाइन नंबर 14416 पर संपर्क करना चाहिए।

शिविर में सभी प्रकार जैसे बीपीजांच,खून जांच,शुगर जांच, बाल रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, फिजिशियन ,नेत्र जांच आदि के स्टाल लगाए लगाकर शिविर में आये मरीज़ों को इलाज दिया गया। 37 मानसिक रोगियों की पहचान करके उपचार व दवाएँ दी गयी।

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SuragBureau

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