नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और यौन उत्पीड़न मामले में दोषी को 20 वर्ष की सजा, 1 लाख जुर्माना
नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और यौन उत्पीड़न मामले में दोषी को 20 वर्ष की सजा, 1 लाख जुर्माना
मैनपुरी (अजय किशोर) पॉक्सो कोर्ट (विशेष न्यायाधीश महेंद्र पाल सिंह) ने नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और यौन उत्पीड़न के गंभीर मामले में आरोपी धर्मेंद्र को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर 1 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर आरोपी को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। मामला कुरावली थाना क्षेत्र के ग्राम बहादुरपुर से जुड़ा है। 26 जनवरी 2022 को वादी सुरेंद्र सिंह पुत्र श्रीराम ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिग पुत्री को गांव का ही रहने वाला धर्मेंद्र पुत्र लल्लू सिंह बहला-फुसलाकर घर से भगा ले गया है। इस शिकायत पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 376(3), 342, 323 और 4 पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। विवेचना के बाद पुलिस की ओर से न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया।
अदालत में सुनवाई के दौरान कुल 6 गवाह पेश किए गए और सभी 6 गवाहों के बयान व परीक्षण की प्रक्रिया पूरी की गई। 31 जुलाई 2026 को अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों और साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए आरोपी धर्मेंद्र को पॉक्सो एक्ट व आईपीसी की संबंधित धाराओं में दोषी पाया। विशेष लोक अभियोजक शैलीद्री राजपूत ने पीड़िता की ओर से प्रभावी पैरवी की, जिसके आधार पर न्यायालय ने दोषी को 20 साल के कारावास की सजा सुनाई।
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