फर्जी यूनिवर्सिटी का खेल, अपहरण की झूठी कहानी से खुला छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का राज
फर्जी यूनिवर्सिटी का खेल, अपहरण की झूठी कहानी से खुला छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का राज
एटा। मारहरा थाना क्षेत्र में अपहरण और दो लाख रुपये की फिरौती की सूचना ने पुलिस को ऐसा सुराग दिया, जिसने कथित फर्जी मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि जिस युवक के अपहरण की कहानी बताकर पुलिस को सूचना दी गई थी, उस पर ही वर्ष 2022 से फर्जी शैक्षणिक व्यवस्था चलाकर छात्र-छात्राओं को विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिलाने और कथित तौर पर फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज तैयार कराने के आरोप सामने आए हैं। मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 16 सितंबर को पीआरवी के माध्यम से रामसेवक ने पुलिस को सूचना दी कि उसके भाई सतेन्द्र कुमार को बीएस कॉलेज एवं यूनिवर्सिटी से तीन लोग अर्टिगा कार में अपहरण कर ले गए हैं और दो लाख रुपये की फिरौती मांगी जा रही है। सूचना पर सतेन्द्र की पत्नी की तहरीर के आधार पर थाना मारहरा में मुकदमा संख्या 167/2026 दर्ज किया गया।
पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की तो कहानी की परतें खुलने लगीं। पुलिस के मुताबिक अपहरण और फिरौती की सूचना झूठी एवं भ्रामक निकली। जांच आगे बढ़ी तो सतेन्द्र कुमार द्वारा कथित तौर पर फर्जी एडमिशन के नाम पर छात्रों से रकम लेने और फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज तैयार कराने का मामला सामने आया।
■ मार्कशीट से आई-कार्ड तक, पूरा रिकॉर्ड कथित तौर पर फर्जी
पुलिस के अनुसार वर्ष 2022 से बीएस मेडिकल कॉलेज एंड यूनिवर्सिटी के नाम से कथित फर्जी शैक्षणिक व्यवस्था संचालित की जा रही थी। इसमें D.Pharma, B.Pharma, B.Sc. Nursing, D.M.L.T., B.M.L.T., B.A.M.S., G.N.M. और A.N.M. जैसे पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिलाने तथा शैक्षणिक दस्तावेज उपलब्ध कराने के नाम पर छात्रों और अभिभावकों से रकम लिए जाने की बात सामने आई है। जांच में पुलिस को कथित तौर पर सेमेस्टरवार मार्कशीट, Enrollment Number, Roll Number, Attendance रिकॉर्ड, Admission Form, छात्र-छात्राओं के आई-कार्ड, परीक्षा पुस्तिकाएं, प्रश्नपत्र, फीस रसीदें और कॉलेज की मोहर समेत बड़ी संख्या में दस्तावेज मिले। यानी पुलिस के मुताबिक मामला केवल कथित फर्जी एडमिशन तक सीमित नहीं था, बल्कि छात्रों का पूरा शैक्षणिक रिकॉर्ड तैयार करने की व्यवस्था खड़ी की गई थी।
■ लैपटॉप से लेकर फर्जी चेक और मोहर तक बरामद
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान एक Dell लैपटॉप, चार बैंकों के कथित फर्जी चेक, 16 फर्जी छात्र आई-कार्ड, फर्जी आवेदन पत्र व Attendance Sheet, फीस रसीदें, परीक्षा पुस्तिकाएं, जाली प्रश्नपत्र, फर्जी मोहर, प्रचार सामग्री, मोहर लगे लेटर पैड और फर्जी मार्कशीट बरामद करने का दावा किया है। पुलिस ने इस मामले में सतेन्द्र कुमार, गौरव अग्रवाल, भगवान दास, नरेन्द्र उर्फ पप्पू और मोहम्मद शरीफ कुरैशी को गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ थाना मारहरा में मुकदमा संख्या 168/2026 के तहत बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक, बैंकिंग और दस्तावेजी साक्ष्यों का विश्लेषण करते हुए विवेचना आगे बढ़ाई जा रही है।
■ पहले भी दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुख्य आरोपी बताए गए सतेन्द्र कुमार के खिलाफ पूर्व में भी कई मुकदमे दर्ज हैं। वहीं नरेन्द्र उर्फ पप्पू के खिलाफ भी पूर्व में मुकदमा दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में थानाध्यक्ष योगेन्द्र सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक मुकुल कुमार और पुलिस टीम ने कार्रवाई की। अब सबसे बड़ा सवाल उन छात्र-छात्राओं के भविष्य का है, जिन्होंने कथित यूनिवर्सिटी के नाम पर प्रवेश लेकर फीस जमा की और दस्तावेज प्राप्त किए। पुलिस की विवेचना से यह स्पष्ट होगा कि इस कथित नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा था और इससे कितने छात्र प्रभावित हुए।
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