फर्रुखाबाद में श्री राधा रानी प्राकट्य उत्सव: मंदिरों में गूंजे जयकारे
फर्रुखाबाद के विभिन्न मंदिरों में श्री राधा रानी का प्राकट्य उत्सव धूमधाम से मनाया गया। जानें कैसे भक्तों ने विशेष पूजा, अभिषेक और भजन-कीर्तन के साथ उत्सव मनाया।
फर्रुखाबाद शहर में श्री राधा रानी का प्राकट्य उत्सव अत्यंत हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। इस विशेष अवसर पर शहर के प्रमुख मंदिरों को आकर्षक रूप से सजाया गया था। सुबह से ही मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा, जहाँ श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। घरों और मंदिरों में पंचामृत अभिषेक, भजन-कीर्तन, महाआरती और प्रसाद वितरण का क्रम देर शाम तक चलता रहा। राधा रानी के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया और भक्तों ने सुख-समृद्धि की कामना की।
मंदिरों में भव्य आयोजन
प्राचीन श्री पाण्डेश्वर नाथ मंदिर में आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्य यजमान रानू शुक्ला ने सपत्नीक पूजा में भाग लिया। विद्वान पंडितों की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्री राधा रानी का पंचामृत अभिषेक संपन्न हुआ। इस दौरान मनीष मिश्रा, अनिल त्रिपाठी, गणेश मिश्रा, मयंक गुप्ता और विजय शर्मा सहित अन्य भक्त उपस्थित रहे।
श्री राधा गोपीनाथ मंदिर, खतराना में पं. प्रशांत मिश्रा के मार्गदर्शन में राज नारायण खेमका परिवार द्वारा महाभिषेक का आयोजन किया गया। यहाँ मंत्रोच्चार के बीच हुई महाआरती ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं, घुमना बाजार स्थित ठाकुर द्वारा श्री राधा गोपाल मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे। दिनेश गुप्ता, अखिल गुप्ता और अशोक गुप्ता की उपस्थिति में यहाँ विशेष पूजा और प्रसाद वितरण हुआ।
भक्ति और संगीत की छटा
लोहाई रोड स्थित ठाकुर द्वारा मदन मोहन मंदिर में राधा रानी का जन्मोत्सव श्रद्धा के साथ मनाया गया। यहाँ हवन-यज्ञ के पश्चात नैनसी, सुषमा और उमा द्वारा गाए गए बधाई गीतों ने भक्तों को भाव-विभोर कर दिया। श्री राधा कृष्ण मंदिर, लोहाई रोड में मंगला दर्शन के साथ दिन की शुरुआत हुई। यहाँ दिव्य श्रृंगार और अभिषेक के बाद पं. कृष्ण मुरारी गौतम एवं उनकी टीम ने महाआरती की।
महाकाल मंदिर में सुश्री अर्चना के निर्देशन में आयोजित उत्सव में भजन मंडली ने अपनी प्रस्तुति से समां बांध दिया। मंदिर परिसर में विशेष पूजा, अभिषेक और आरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ, जिसके बाद भक्तों में प्रसाद वितरित किया गया।
घर-घर में उत्सव का उल्लास
केवल मंदिरों में ही नहीं, बल्कि आम जनमानस ने भी अपने घरों में श्री राधा रानी के प्राकट्य उत्सव को पूरी निष्ठा के साथ मनाया। श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर पूजा-अर्चना की और परिवार के साथ मिलकर आरती की। इस दौरान घरों में बधाई गान और कीर्तन के माध्यम से राधा रानी के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की गई।
यह उत्सव न केवल धार्मिक परंपराओं के पालन का प्रतीक रहा, बल्कि शहर के लोगों में आपसी भाईचारे और भक्ति के जुड़ाव का भी एक सुंदर उदाहरण बना। मंदिरों में आयोजित इन कार्यक्रमों ने फर्रुखाबाद के आध्यात्मिक वातावरण को और अधिक जीवंत कर दिया।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)