जलेसर पुलिस ने टप्पेबाजी और चोरी का किया खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार
एटा की जलेसर पुलिस ने टप्पेबाजी मामले में दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने भारी नकदी और अवैध हथियार भी बरामद किए हैं। पूरी खबर पढ़ें।
एटा जनपद की जलेसर थाना पुलिस, स्वाट टीम और सर्विलांस विभाग ने संयुक्त अभियान चलाते हुए टप्पेबाजी और चोरी की एक बड़ी घटना का सफल अनावरण किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने चोरी किए गए आभूषणों को बेचने से प्राप्त हुई भारी नकदी और घटना में प्रयुक्त हथियारों को भी बरामद किया है, जो अपराधियों की सक्रियता को दर्शाता है।
घटना का विवरण और पुलिस जांच
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मामला 25 अगस्त 2026 का है। एक महिला अपनी छोटी बहन के साथ आगरा चौराहे से ग्राम पिलख्तर फतेह जाने के उद्देश्य से एक ई-रिक्शा में सवार हुई थी। महिला के पास दो बैग थे, जिनमें सोने और चांदी के कीमती आभूषण रखे हुए थे। जब वे अपने गंतव्य पर पहुंचीं, तो बैग चेक करने पर उन्हें आभूषण गायब मिले। पीड़ित महिला ने तुरंत इस घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी। पीड़िता की तहरीर के आधार पर 2 सितंबर 2026 को थाना जलेसर में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 375/2026, धारा 303(2) बीएनएस के तहत दर्ज किया गया था।
आरोपियों की गिरफ्तारी और बरामदगी
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने दो आरोपियों को चिन्हित किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मोहम्मद मजीद (निवासी मकदूमनगर, अलीगढ़) और मोहम्मद रफीक (निवासी गौमत, अलीगढ़) के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से निम्नलिखित वस्तुएं बरामद की हैं:
- चोरी के आभूषण बेचकर प्राप्त 3.50 लाख रुपये नकद।
- दो आधार कार्ड।
- 315 बोर के दो अवैध तमंचे और दो जिंदा कारतूस।
- घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल।
अपराधिक पृष्ठभूमि
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी पेशेवर किस्म के अपराधी हैं। मुख्य आरोपी मोहम्मद मजीद का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है, जिसके खिलाफ पूर्व में चोरी, माल बरामदगी और एनडीपीएस एक्ट जैसे गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, दूसरे आरोपी मोहम्मद रफीक के खिलाफ भी विद्युत अधिनियम के तहत कई मामले पहले से ही दर्ज हैं। पुलिस अब इन दोनों से पूछताछ कर रही है ताकि अन्य घटनाओं के बारे में भी महत्वपूर्ण सुराग मिल सकें।
अधिकारियों का मार्गदर्शन
यह पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा डॉ. इलामारन जी. के कुशल निर्देशन में संपन्न हुई। इस सफल ऑपरेशन में अपर पुलिस अधीक्षक एटा श्वेताभ पाण्डेय और अपर पुलिस अधीक्षक अपराध योगेंद्र सिंह ने निरंतर पर्यवेक्षण किया। टीम में थाना जलेसर के प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार दीक्षित, स्वाट प्रभारी उपनिरीक्षक श्रवण कुमार निगम और सर्विलांस प्रभारी उपनिरीक्षक सुनील लांबा अपनी-अपनी पुलिस टीमों के साथ सक्रिय रूप से शामिल रहे। पुलिस प्रशासन ने जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाने को दें ताकि ऐसे अपराधियों पर नकेल कसी जा सके। फिलहाल, पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया जारी है।
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