फर्रुखाबाद: बाढ़ में फंसी बुजुर्ग महिला, ग्रामीणों ने कढ़ाई को बनाई नाव

फर्रुखाबाद के सिनौली गांव में बाढ़ के बीच इलाज के लिए बुजुर्ग महिला को लोहे की कढ़ाई में बैठाकर बाहर निकाला गया। प्रशासन से राहत की गुहार।

Sep 11, 2026 - 21:13
0 7
फर्रुखाबाद: बाढ़ में फंसी बुजुर्ग महिला, ग्रामीणों ने कढ़ाई को बनाई नाव

block-350 block-350

उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के कायमगंज क्षेत्र के सिनौली गांव से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने बाढ़ की भयावहता और ग्रामीणों के संघर्ष को पूरी दुनिया के सामने ला दिया है। भारी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण गांव की गलियां जलमग्न हो गई हैं, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। इस कठिन परिस्थिति में जब एक बुजुर्ग महिला को इलाज की सख्त जरूरत पड़ी, तो ग्रामीणों ने अपनी सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए एक अनोखा तरीका अपनाया, जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

घटना के अनुसार, गांव की रहने वाली कमला देवी के हाथ में गंभीर फ्रैक्चर हो गया था। उन्हें तत्काल चिकित्सीय सहायता की आवश्यकता थी, लेकिन गांव के रास्तों पर कमर तक पानी भरा होने के कारण सामान्य यातायात पूरी तरह ठप हो गया था। स्थिति इतनी गंभीर थी कि गांव के भीतर तक नाव का पहुंचना भी नामुमकिन हो गया था। ऐसे में जब अस्पताल ले जाने का कोई अन्य साधन नहीं बचा, तो ग्रामीणों ने हार नहीं मानी। उन्होंने एक बड़ी लोहे की कढ़ाई को ही अस्थायी नाव के रूप में इस्तेमाल करने का निर्णय लिया।

ग्रामीणों का साहसी प्रयास

ग्रामीणों ने बड़ी सावधानी के साथ कमला देवी को उस कढ़ाई में बैठाया। इसके बाद, बाढ़ के गहरे और बर्फीले पानी के बीच से कुछ युवाओं ने उस कढ़ाई को खींचते हुए मुख्य मार्ग तक सुरक्षित पहुंचाया। यह दृश्य न केवल भावुक कर देने वाला था, बल्कि यह भी दर्शाता है कि जब सरकारी संसाधन समय पर नहीं पहुंचते, तो ग्रामीण किस तरह अपनी जान जोखिम में डालकर एक-दूसरे की मदद करते हैं। इस पूरी घटना का वीडियो किसी ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया, जो अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संसाधनों की कमी

इस घटना ने प्रशासन की तैयारियों पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ के दौरान प्रशासन की ओर से पर्याप्त नावों और राहत-बचाव उपकरणों का प्रबंध नहीं किया गया है। सिनौली जैसे कई गांव हर साल बाढ़ की चपेट में आते हैं, लेकिन हर बार ग्रामीणों को इसी तरह के चुनौतीपूर्ण हालातों का सामना करना पड़ता है। लोगों की प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:

  • प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल पर्याप्त संख्या में नावों की व्यवस्था की जाए।
  • राहत शिविरों की संख्या बढ़ाई जाए ताकि लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके।
  • बाढ़ के दौरान चिकित्सा सुविधाओं के लिए इमरजेंसी रिस्पांस टीम तैनात हो।

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि आपदा के समय एकजुटता ही सबसे बड़ा सहारा होती है। हालांकि, ग्रामीणों की प्रशंसा के साथ-साथ यह प्रशासन के लिए एक चेतावनी भी है कि वे जमीनी स्तर पर राहत कार्यों की समीक्षा करें। उम्मीद है कि वायरल वीडियो के बाद जिला प्रशासन सक्रिय होगा और भविष्य में किसी भी बुजुर्ग या बीमार व्यक्ति को इलाज के लिए इस तरह के जोखिम भरे रास्तों से नहीं गुजरना पड़ेगा। प्रशासन को चाहिए कि वह संवेदनशील क्षेत्रों में बचाव नौकाओं की तैनाती सुनिश्चित करे, ताकि समय रहते लोगों को अस्पताल पहुंचाया जा सके और किसी भी अनहोनी को टाला जा सके।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
SuragBureau

Surag Bureau पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और स्थानीय व राष्ट्रीय मुद्दों पर समाचार लेखन करते हैं। हमारा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना हैं।

Comments (0)

User