कायमगंज: यात्री प्रतीक्षालय बना अतिक्रमण का अड्डा, बदहाल व्यवस्था पर सवाल
कायमगंज रेलवे रोड स्थित यात्री प्रतीक्षालय अतिक्रमण और गंदगी से जूझ रहा है। नगर पालिका की अनदेखी के चलते यात्रियों को सड़क पर इंतजार करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
कायमगंज के रेलवे स्टेशन के समीप स्थित यात्री प्रतीक्षालय, जिसे कभी यात्रियों की सुविधा और आराम के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया गया था, आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। लगभग तीन दशक पूर्व लायंस क्लब द्वारा स्थापित यह प्रतीक्षालय अब यात्रियों के बैठने के बजाय अतिक्रमणकारियों और गंदगी का केंद्र बन चुका है। आलम यह है कि जो स्थान यात्रियों को धूप और बारिश से बचाने के लिए था, वहां अब ठेले-खोमचे वालों का कब्जा है, जिससे यात्रियों को मजबूरन सड़क किनारे खड़े होकर अपने वाहन का इंतजार करना पड़ता है।
अतिक्रमण के कारण सिमटी यात्रियों की जगह
दिल्ली रोड पर स्थित इस प्रतीक्षालय के इर्द-गिर्द चाट-पकौड़ी और खाद्य पदार्थों के ढेरों ठेले सजने से स्थिति और भी विकट हो गई है। यात्रियों का कहना है कि प्रतीक्षालय के अंदर और उसके बाहर के प्रवेश द्वार तक अतिक्रमण होने से आवाजाही करना भी कठिन हो गया है। सार्वजनिक उपयोग के लिए बनाई गई यह जगह अब पूरी तरह से निजी व्यावसायिक लाभ के लिए इस्तेमाल की जा रही है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यदि प्रशासन ने समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया, तो यह सार्वजनिक संपत्ति पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए यह सुविधा महज एक नाम बनकर रह जाएगी।
मूत्रालय की दुर्दशा और स्वच्छता पर गंभीर सवाल
प्रतीक्षालय के साथ ही नगर पालिका द्वारा संचालित मूत्रालय की स्थिति भी अत्यंत दयनीय है। देखरेख के अभाव में मूत्रालय का एक बड़ा हिस्सा अवैध रूप से पर्दे लगाकर ढंक दिया गया है, जबकि शेष हिस्से में गंदगी का अंबार लगा रहता है। लंबे समय से सफाई न होने के कारण वहां से गुजरना भी दूभर हो गया है। मूत्रालय की छत पर उगी बड़ी-बड़ी घास और झाड़ियाँ इस बात का स्पष्ट प्रमाण हैं कि नगर पालिका के सफाई विभाग की नजरें इस ओर काफी समय से नहीं पड़ी हैं। स्वच्छता अभियान के दावों के बीच इस तरह की सार्वजनिक सुविधाओं की अनदेखी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े करती है।
कचरा प्रबंधन की विफलता और स्थानीय लोगों का आक्रोश
केवल अतिक्रमण ही नहीं, बल्कि कचरे का निस्तारण न होना भी यहां की मुख्य समस्या है। दुकानदारों का कहना है कि ठेले-खोमचों से निकलने वाला कचरा प्रतीक्षालय के पास ही जमा होता रहता है, जिससे न केवल दुर्गंध फैलती है, बल्कि संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बना रहता है। कचरा उठाने वाली नियमित गाड़ियां भी यहां की सुध नहीं लेतीं।
प्रशासन से तत्काल सुधार की अपेक्षा
स्थानीय नागरिकों और नियमित यात्रियों ने नगर पालिका प्रशासन से कड़े शब्दों में मांग की है कि इस क्षेत्र का तत्काल निरीक्षण किया जाए। जनता की अपेक्षाएं निम्नलिखित बिंदुओं पर केंद्रित हैं:
- प्रतीक्षालय परिसर को अवैध अतिक्रमण से पूरी तरह मुक्त कराया जाए।
- नगर पालिका द्वारा निर्मित मूत्रालय की मरम्मत और नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।
- सार्वजनिक स्थलों पर कचरा पात्रों की व्यवस्था की जाए ताकि गंदगी न फैले।
यह एक अत्यंत आवश्यक जनहित का मुद्दा है। यदि नगर पालिका प्रशासन समय रहते ठोस कदम उठाता है, तो न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि शहर की सुंदरता और स्वच्छता भी बहाल हो सकेगी। उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही व्यवस्था में सुधार करेंगे, ताकि यात्रियों को मिलने वाली यह बुनियादी सुविधा पुनः अपने वास्तविक स्वरूप में लौट सके।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)