संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम का सख्त संदेश: शिकायतों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, निस्तारण के दिए कड़े निर्देश
संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम का सख्त संदेश: शिकायतों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, निस्तारण के दिए कड़े निर्देश
कायमगंज तहसील में 189 शिकायतें दर्ज, 12 का मौके पर निस्तारण; भूमि कब्जा, जल निकासी और मारपीट के मामलों पर अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश
कायमगंज/फर्रुखाबाद कायमगंज तहसील सभागार में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि जनशिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी अब स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। संपूर्ण समाधान दिवस में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। कुल 189 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 12 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई का संदेश दिया। शेष मामलों को संबंधित विभागों को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ निस्तारित करने के निर्देश दिए गए। समाधान दिवस के दौरान सबसे अधिक शिकायतें भूमि विवाद, सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा, जल निकासी अवरुद्ध किए जाने, मारपीट, लूट और राजस्व संबंधी मामलों की रहीं। शिवरई बरियार गांव के ग्रामीणों ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की, जबकि रौकरी गांव से पहुंचे फरियादियों ने दबंगों द्वारा पानी का निकास बंद किए जाने का आरोप लगाया।
कमरुद्दीन नगर निवासी अतुल कुमार ने दिनदहाड़े मारपीट एवं लूट की घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता न बनकर वास्तविक समाधान के रूप में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता को न्याय दिलाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि समाधान दिवस में आने वाली शिकायतों का स्थलीय निरीक्षण कर तथ्यपरक रिपोर्ट तैयार करें तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर निस्तारण कर उसकी जानकारी शिकायतकर्ता को भी उपलब्ध कराएं। उन्होंने विशेष रूप से राजस्व, पुलिस और विकास विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाकर विवादित मामलों का निष्पक्ष समाधान करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविंद उपाध्याय, उपजिलाधिकारी अभिषेक वर्मा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे और उन्होंने फरियादियों की समस्याएं सुनकर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी की सख्त कार्यशैली ने स्पष्ट कर दिया कि शासन की मंशा के अनुरूप अब जनसमस्याओं के निस्तारण में लापरवाही करने वाले अधिकारियों के लिए कोई राहत नहीं होगी। प्रशासन का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र फरियादी को समय पर न्याय और राहत उपलब्ध कराना है।
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