संभावित वर्षा कमी की स्थिति में किसानों को वैकल्पिक फसलों की सलाह
संभावित वर्षा कमी की स्थिति में किसानों को वैकल्पिक फसलों की सलाह
एटा । जनपद में मानसून की स्थिति पर कृषि विभाग द्वारा निरंतर निगरानी रखी जा रही है। वर्षा में संभावित कमी अथवा धान की रोपाई में विलंब की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए किसानों को वैकल्पिक फसलों की खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनवीर सिंह ने बताया कि यदि सामान्य से कम वर्षा होती है अथवा धान की रोपाई प्रभावित होती है तो किसानों को धान के स्थान पर मोटे अनाज (श्री अन्न) जैसे ज्वार, बाजरा, रागी, कोदो एवं सांवा की खेती करने की सलाह दी जाएगी। इसके अतिरिक्त कम अवधि में तैयार होने वाली धान की प्रजातियों की सीधी बुवाई को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि किसानों को खेतों की मेड़बंदी, समतलीकरण, नमी संरक्षण तथा उपलब्ध सिंचाई संसाधनों के समुचित उपयोग के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
साथ ही नलकूपों एवं नहरों के माध्यम से सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक कार्यवाही भी की जा रही है, जिससे फसलों को समय पर सिंचाई उपलब्ध कराई जा सके। जिला कृषि अधिकारी ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई हेतु किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से अधिकाधिक जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही खरीफ मौसम में उर्द, मूंग एवं तिल जैसी दलहनी एवं तिलहनी फसलों की खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे कृषि विभाग द्वारा समय-समय पर जारी तकनीकी सुझावों का पालन करें तथा किसी भी प्रकार की जानकारी एवं परामर्श के लिए अपने निकटतम कृषि विभाग कार्यालय अथवा कृषि रक्षा इकाई से संपर्क करें। कृषि विभाग किसानों को हर संभव तकनीकी मार्गदर्शन एवं सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
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