वर्षों से लंबित ₹92.52 लाख भुगतान स्वीकृत, लेखपालों को मिलेगी राहत
वर्षों से लंबित ₹92.52 लाख भुगतान स्वीकृत, लेखपालों को मिलेगी राहत
एटा। जिलाधिकारी अरविन्द सिंह की पहल पर वर्ष 2019 से लंबित आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्रों के निर्गमन से संबंधित प्रिंटिंग एवं अन्य व्यवस्थागत व्यय के भुगतान को स्वीकृति मिल गई है। इस निर्णय से तहसील स्तर पर कार्यरत लेखपालों को राहत मिलेगी तथा प्रमाण पत्र निर्गमन व्यवस्था और अधिक प्रभावी होगी। शासनादेश के अनुसार आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्रों के निर्गमन के लिए प्रति आवेदन पत्र पांच रुपये की दर से प्रिंटिंग एवं अन्य व्ययों की व्यवस्था निर्धारित है। जनपद में वर्ष 2019 से 31 मार्च 2025 तक जारी किए गए प्रमाण पत्रों के सापेक्ष देय धनराशि विभिन्न कारणों से लंबित थी।
गत सप्ताह तहसील अलीगंज में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान लेखपाल संघ ने इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर भुगतान की मांग उठाई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर जानकारी प्राप्त की और तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करते हुए 92 लाख 52 हजार 755 रुपये की धनराशि स्वीकृत कर भुगतान प्रक्रिया सुनिश्चित की गई। अभिलेखों के अनुसार जनपद की तीनों तहसीलों में कुल 18 लाख 50 हजार 551 आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र जारी किए गए, जिनके सापेक्ष उक्त धनराशि स्वीकृत की गई है। तहसीलवार स्वीकृत राशि में एटा के लिए 49 लाख 78 हजार 690 रुपये, जलेसर के लिए 17 लाख 44 हजार 560 रुपये तथा अलीगंज के लिए 25 लाख 29 हजार 505 रुपये शामिल हैं। जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग के कार्मिकों को निर्देश दिए कि वे शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी तथा कर्मचारियों की न्यायोचित एवं नियमसम्मत मांगों पर प्रशासन संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करेगा। इस निर्णय से प्रमाण पत्र निर्गमन कार्य से जुड़े कार्मिकों को लाभ मिलेगा और नागरिक सेवाओं के संचालन के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता भी सुनिश्चित हो सकेगी।
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