एटा: पीएचसी मिरहची में औचक निरीक्षण, लापरवाही पर लैब टेक्नीशियन का वेतन रुका
जिला मलेरिया अधिकारी ने पीएचसी मिरहची का औचक निरीक्षण किया। लैब टेक्नीशियन के अनुपस्थित होने पर वेतन रोकने के निर्देश दिए और मलेरिया जांच पर जोर दिया।
एटा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने और संचारी रोगों के प्रसार पर प्रभावी नियंत्रण पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सक्रिय है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के दिशा-निर्देशों के क्रम में, प्रभारी जिला मलेरिया अधिकारी लोकमन सिंह एवं आलोक वर्मा ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) मिरहची का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्यप्रणाली की बारीकियों को परखा गया और सेवाओं में सुधार के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए गए।
अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान टीम ने पीएचसी की प्रयोगशाला (लैब) की कार्यप्रणाली का गहन जायजा लिया। इस दौरान पाया गया कि लैब टेक्नीशियन अपनी ड्यूटी से बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित थे। स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति इस प्रकार की लापरवाही को अधिकारियों ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। प्रभारी जिला मलेरिया अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से संबंधित लैब टेक्नीशियन का एक दिन का वेतन रोकने के आदेश जारी कर दिए हैं। साथ ही, उनसे इस अनुशासनहीनता के लिए स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शासकीय कार्यों और मरीजों के स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मलेरिया जांच की गुणवत्ता पर विशेष जोर
लैब के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जांच प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि केवल आरडी किट पर निर्भर रहने के बजाय मलेरिया की जांच के लिए स्लाइड का उपयोग अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने कहा कि स्लाइड द्वारा की गई जांच अधिक सटीक होती है, जिससे संक्रामक रोगों की सही पहचान और मरीजों का उचित उपचार सुनिश्चित हो पाता है। उन्होंने लैब कर्मचारियों को निर्देशित किया कि मलेरिया के संभावित मामलों में शत-प्रतिशत स्लाइड जांच सुनिश्चित की जाए ताकि जिले में संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।
वीएचएसएनडी सत्रों का स्थलीय जायजा
पीएचसी के निरीक्षण के उपरांत, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्राम कनहीं और सिरसाटिप्पू में आयोजित ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण दिवस (VHSND) सत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। सत्र के दौरान एएनएम आरती वर्मा अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद पाई गईं, जो बच्चों का टीकाकरण करने में जुटी थीं। इसके अतिरिक्त, बाल स्वास्थ्य पोषण माह (BSPM) अभियान के अंतर्गत बच्चों को विटामिन 'ए' की खुराक दी जा रही थी। अधिकारियों ने इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि टीकाकरण और पोषण अभियान बच्चों के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश
निरीक्षण के दौरान वहां उपस्थित आशा कार्यकर्ताओं के साथ भी संवाद किया गया। अधिकारियों ने उन्हें अपने कार्यों में पारदर्शिता लाने और नियमित रूप से आशा डायरी अपडेट करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की सही जानकारी के लिए डायरी का रखरखाव अनिवार्य है। इसके अलावा, टीम ने स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत कर स्वास्थ्य केंद्रों पर मिलने वाली सुविधाओं का फीडबैक भी लिया। ग्रामीणों को भरोसा दिलाया गया कि स्वास्थ्य विभाग बेहतर सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। अंत में, विभागीय कर्मियों को पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ अपनी ड्यूटी का निर्वहन करने की हिदायत दी गई, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच सके।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)