जिला कारागार का औचक निरीक्षण, बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता देने के निर्देश
जिला कारागार का औचक निरीक्षण, बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता देने के निर्देश
एटा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के क्रम में, जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एटा के आदेशानुसार बुधवार को जिला कारागार एटा का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण तुषारिका सिंह, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किया गया। निरीक्षण के दौरान सचिव ने कारागार परिसर में स्थापित प्रिजन लीगल एड क्लीनिक, हेल्प डेस्क, पाठशाला एवं बच्चा बैरक सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके साथ ही कारागार चिकित्सालय पहुंचकर निरुद्ध बंदियों की समस्याएं सुनीं और उनसे उनके मुकदमों की पैरवी के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
जिन बंदियों के पास अधिवक्ता उपलब्ध नहीं है, उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया। सचिव ने प्रभारी अधीक्षक को निर्देशित किया कि प्रत्येक बंदी से अधिवक्ता की उपलब्धता की जानकारी ली जाए और जिन बंदियों के पास अधिवक्ता नहीं है, उनके प्रार्थना पत्र जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजे जाएं। साथ ही कारागार में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था बनाए रखने तथा अस्वस्थ बंदियों को तत्काल चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
निरीक्षण के दौरान निःशुल्क विधिक सहायता एवं जमानत के बाद भी जमानती के अभाव में जेल में निरुद्ध बंदियों के मामलों पर जेल अधीक्षक के साथ विस्तृत चर्चा की गई। असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम को निर्देशित किया गया कि जरूरतमंद बंदियों की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करें। इस अवसर पर जेलर के.पी. चन्दीला, डिप्टी जेलर शशिकला वर्मा, कारागार चिकित्साधिकारी डॉ. उत्सव जैन, लीगल एड डिफेंस काउंसिल शिवम् मिश्रा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।