फर्रुखाबाद: तीन करोड़ की लागत से रेलवे रोड का कायाकल्प, जनता को समर्पित
फर्रुखाबाद में तीन साल के इंतजार के बाद रेलवे रोड को माडल रोड के रूप में जनता को समर्पित किया गया। तीन करोड़ की लागत से हुआ भव्य निर्माण।
फर्रुखाबाद शहर के निवासियों के लिए एक लंबे समय से प्रतीक्षित क्षण आखिरकार हकीकत में बदल गया है। लगभग तीन वर्षों के निर्माण कार्य और कई चुनौतियों के बाद, शहर की प्रमुख रेलवे रोड को अब एक आधुनिक 'माडल रोड' के रूप में विकसित कर जनता को समर्पित कर दिया गया है। मैकूलाल घंटाघर चौक पर आयोजित एक औपचारिक कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष वत्सला अग्रवाल और पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष व पूर्व एमएलसी मनोज अग्रवाल ने संयुक्त रूप से इस मार्ग का उद्घाटन किया।
इस परियोजना की कुल लागत लगभग तीन करोड़ रुपये बताई गई है। उद्घाटन के अवसर पर मनोज अग्रवाल ने निर्माण कार्य में हुई देरी के कारणों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मार्ग के बीच में आ रहे बिजली के खंभों को स्थानांतरित करने में काफी समय लगा, जिससे काम की गति प्रभावित हुई थी। हालांकि, अब यह मार्ग पूरी तरह से तैयार है और शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार के साथ-साथ सौंदर्य में भी चार चांद लगा रहा है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस मार्ग
सड़क के सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान देते हुए इसे माडल रोड का स्वरूप दिया गया है। मुख्य आकर्षण के रूप में पूरे मार्ग पर आकर्षक लाइटें लगाई गई हैं, जो रात के समय सड़क की शोभा बढ़ाती हैं। यह न केवल राहगीरों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करता है, बल्कि शहर के मुख्य बाजार क्षेत्र में एक नया आकर्षण भी पैदा करता है। स्थानीय प्रशासन का दावा है कि यह माडल रोड अब शहर के विकास का नया पैमाना बनेगी।
भविष्य की योजनाएं और विस्तार
कार्यक्रम के दौरान मनोज अग्रवाल ने भविष्य की विकास योजनाओं का भी खाका साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि रेलवे रोड का विकास केवल एक शुरुआत है। इसके बाद, फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन से देवरामपुर तक के मार्ग को भी इसी तर्ज पर माडल रोड बनाया जाएगा। योजना में इस मार्ग पर फतेहगढ़ चौराहे पर बने 'आरोग्य पथ' की तर्ज पर एक नया स्वास्थ्य पथ और जिम स्थापित करने का प्रस्ताव भी शामिल है। इसके अतिरिक्त, लालगेट से कादरी गेट तक के मार्ग को भी भविष्य में माडल रोड के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे पूरे शहर का कायाकल्प हो सके।
राजनीतिक उपस्थिति और स्थानीय चर्चा
उद्घाटन कार्यक्रम जहां विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, वहीं राजनीतिक गलियारों में शिलापट्ट को लेकर भी चर्चाएं तेज रहीं। कार्यक्रम स्थल पर लगे शिलापट्ट पर सांसद मुकेश राजपूत, सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी और एमएलसी प्रांशु दत्त द्विवेदी के नाम अंकित थे। हालांकि, उद्घाटन के दौरान इनमें से कोई भी जनप्रतिनिधि उपस्थित नहीं था। इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर इस बात को लेकर भी सवाल उठाए गए कि शिलापट्ट पर किसी भी स्थानीय सभासद का नाम शामिल नहीं किया गया, जो क्षेत्र के विकास में सीधे तौर पर जुड़े होते हैं।
इस कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिकों और व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों की भारी उपस्थिति रही। जिनमें व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष सदानंद शुक्ला, राजू गौतम, मनोज मिश्रा, विमलेश मिश्रा, पंकज दीक्षित, अतुल शंकर दुबे, सन्नू गुप्ता, हीरा गुप्ता, अरुण अग्निहोत्री, नारायण द्विवेदी, राणा राजपूत, कल्लू मिश्रा, संजीव मिश्रा, बाबी दुबे, डॉ. संजीव त्रिपाठी और योगेश गुप्ता समेत अनेक लोग शामिल थे। शहरवासियों को उम्मीद है कि इस माडल रोड के बनने से व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी और आम नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिल सकेंगी।
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