मौत का आरोप — मेडिकल स्टोर पर इंजेक्शन लगाने से, महिला की गई जान
मौत का आरोप — मेडिकल स्टोर पर इंजेक्शन लगाने से, महिला की गई जान
फर्रुखाबाद/ बजरिया मोहल्ले से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहाँ मामूली सर्दी-खांसी की दवा लेने गई 40 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। आरोप है कि मेडिकल स्टोर पर ही बिना उचित चिकित्सकीय सलाह के इंजेक्शन लगाया गया, जिसके तुरंत बाद महिला की हालत बिगड़ गई और उसकी जान चली गई। क्या है पूरा मामला? मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के नियामतपुर खेड़ा गांव की रहने वाली गीता दवा लेने मेडिकल स्टोर पहुंची थीं। परिजनों का कहना है कि स्टोर संचालक के भाई ने खुद को BAMS डॉक्टर बताते हुए उन्हें इंजेक्शन लगा दिया—जबकि कोई विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद नहीं था। इंजेक्शन बन गया जानलेवा इंजेक्शन लगते ही गीता की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी—उल्टियाँ, मुँह से झाग जैसे गंभीर लक्षण दिखे।
घबराए परिजन उन्हें अस्पताल लेकर भागे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ गीता अपने पीछे पति और चार बच्चों को छोड़ गई हैं। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने लिया एक्शन घटना के बाद मौके पर भारी पुलिस बल पहुंचा। मेडिकल स्टोर मालिक, कंपाउंडर समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई होगी। बड़ा सवाल: क्या मेडिकल स्टोर पर इस तरह बिना योग्य डॉक्टर के इंजेक्शन लगाना कानूनन सही है? अगर नहीं, तो आखिर ऐसी लापरवाही कब रुकेगी? यह घटना स्वास्थ्य व्यवस्था और मेडिकल स्टोर्स की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करती है।