आलू किसानों का हल्लाबोल: फर्रुखाबाद से लखनऊ तक 'आलू किसान बचाओ यात्रा' शुरू

Apr 8, 2026 - 09:51
 0  1
आलू किसानों का हल्लाबोल: फर्रुखाबाद से लखनऊ तक 'आलू किसान बचाओ यात्रा' शुरू
follow on google सुराग ब्यूरो को गूगल पर फेवरेट बनाएँ

आलू किसानों का हल्लाबोल: फर्रुखाबाद से लखनऊ तक 'आलू किसान बचाओ यात्रा' शुरू

फर्रुखाबाद / उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में आलू की गिरती कीमतों और लागत न निकलने से परेशान किसानों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को स्थानीय सातनपुर मंडी से किसानों ने 'आलू किसान बचाओ यात्रा' का आगाज किया। यह यात्रा फर्रुखाबाद से शुरू होकर लखनऊ स्थित राजभवन तक जाएगी, ताकि सरकार तक किसानों की गूंज पहुंच सके। संकट में किसान: लागत निकालना भी हुआ मुश्किल प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि वर्तमान में उन्हें मंडी में आलू का जो भाव मिल रहा है, उससे फसल की लागत भी पूरी नहीं हो पा रही है। किसान नेताओं,सुधीर कुमार शुक्ल और अशोक कटिया ने साझा बयान में कहा कि किसान इस समय गहरे आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं।

उचित मूल्य के अभाव में किसानों के पास अब आंदोलन (आर-पार की लड़ाई) के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। किसानों की मुख्य मांगें किसानों ने सरकार के सामने एक स्पष्ट मांग पत्र रखा है, जिसमें आलू की खेती को लाभकारी बनाने के लिए निम्नलिखित सुझाव दिए गए हैं: MSP की घोषणा सरकार आलू के लिए एक न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय करे, जिसमें किसान की मेहनत और लागत दोनों का सही आकलन हो। निर्यात को प्रोत्साहनआलू के निर्यात (Export) के लिए बेहतर नीतियां बनाई जाएं ताकि किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार का लाभ मिले। शुल्क से मुक्तिआलू की बिक्री को मंडी शुल्क से पूरी तरह मुक्त किया जाए। औद्योगिक इकाइयां: क्षेत्र में आलू आधारित प्रोसेसिंग यूनिट्स (जैसे चिप्स या पाउडर फैक्ट्रियां) स्थापित की जाएं। सरकारी योजनाओं में शामिल करनाआलू को मिड-डे मील और राशन की दुकानों के माध्यम से वितरित किया जाए। चेतावनी: सरकार जल्द ले फैसला सातनपुर मंडी के किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल ध्यान नहीं दिया गया, तो वे अपने आंदोलन को और उग्र करेंगे। किसानों के अनुसार, लखनऊ तक की यह यात्रा मात्र एक शुरुआत है। यदि समय रहते समाधान नहीं निकला, तो भविष्य में किसानों की स्थिति और भी दयनीय हो जाएगी।