फर्रुखाबाद: झूठी शिकायत से रुका गरीब का आशियाना, परिवार खुले आसमान के नीचे

फर्रुखाबाद के ग्राम पट्टी दारापुर में पुरानी रंजिश के कारण एक गरीब परिवार का घर बनना रुक गया है। पीड़ित ने सांसद से लगाई न्याय की गुहार।

Jun 10, 2026 - 21:07
0 3
फर्रुखाबाद: झूठी शिकायत से रुका गरीब का आशियाना, परिवार खुले आसमान के नीचे

block-350 block-350

फर्रुखाबाद जिले के राजेपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पट्टी दारापुर में एक गरीब परिवार इन दिनों घोर संकट के दौर से गुजर रहा है। सदावृक्ष पुत्र संतराम लोधी राजपूत का सपना था कि वह अपने पुश्तैनी भूखंड पर एक मजबूत छत का निर्माण कर सकें, लेकिन पड़ोसियों की कथित झूठी शिकायतों ने उनके इस सपने को बीच राह में ही रोक दिया है। पुलिस द्वारा निर्माण कार्य रुकवा दिए जाने के बाद से यह परिवार अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है।

विवाद की जड़ और आरोप

पीड़ित सदावृक्ष का कहना है कि उनका पुराना पैतृक मकान जर्जर होकर गिर चुका था। बरसात के दौरान घर में पानी भरने से उन्हें और उनके परिवार को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। अपनी जमा-पूंजी और कर्ज लेकर उन्होंने मकान बनाने की शुरुआत की, लेकिन पड़ोस में रहने वाले रामवीर पुत्र रामभत्त ने पुरानी रंजिश निकालते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि यह निर्माण सरकारी चकरोड की जमीन पर अवैध रूप से किया जा रहा है। सदावृक्ष का दावा है कि यह जमीन उनकी पैतृक संपत्ति है, जिस पर उनका बरसों से अधिकार है।

पुलिस की कार्रवाई और परिवार की बदहाली

बीती 24 मई 2026 को पुलिस ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया। इस कार्रवाई के बाद से काम पूरी तरह ठप पड़ा है। परिवार के सामने रहने का संकट इतना गहरा है कि उन्हें अपना गृहस्थी का सामान भी गांव के अन्य लोगों के घरों में रखना पड़ा है। सदावृक्ष ने बताया कि बरसात का मौसम सिर पर है और यदि समय रहते निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ, तो उनका परिवार सड़क पर आ जाएगा। प्रशासनिक स्तर पर गुहार लगाने के बाद भी जब कोई सकारात्मक परिणाम नहीं मिला, तो पीड़ित ने क्षेत्रीय सांसद को प्रार्थना पत्र सौंपकर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।

निष्पक्ष जांच की मांग

पीड़ित परिवार की मुख्य मांग है कि राजस्व विभाग की टीम मौके पर आकर निष्पक्ष पैमाइश करे। यदि निर्माण उनकी वैध भूमि पर पाया जाता है, तो उसे तुरंत शुरू करने की अनुमति दी जाए। ग्रामीण भी इस मामले में दो धड़ों में बंटे नजर आते हैं। अधिकांश लोगों का मानना है कि किसी भी प्रकार का विवाद होने पर उसे राजस्व अभिलेखों के आधार पर ही सुलझाया जाना चाहिए, न कि किसी गरीब को बेघर करके।

प्रशासन का पक्ष

राजेपुर थाना प्रभारी नागेंद्र सिंह ने इस संबंध में स्पष्ट किया है कि उन्हें शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग की रिपोर्ट और अभिलेखों का मिलान करने के बाद ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जो भी तथ्य जांच में सामने आएंगे, उसी के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल, सदावृक्ष और उनका परिवार उम्मीद की किरण लिए प्रशासनिक अधिकारियों के अगले कदम का इंतजार कर रहा है। उनकी एकमात्र इच्छा है कि उन्हें अपने ही घर में सुरक्षित रहने का अधिकार मिले और वर्षों की मेहनत से शुरू किया गया उनका आशियाना अधूरा न रहे।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
SuragBureau

Surag Bureau पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और स्थानीय व राष्ट्रीय मुद्दों पर समाचार लेखन करते हैं। हमारा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना हैं।

Comments (0)

User