मानव एकता दिवस - निष्काम सेवा का अनुपम संकल्प

Apr 25, 2025 - 20:38
0 2
मानव एकता दिवस - निष्काम सेवा का अनुपम संकल्प

block-350 block-350

मानव एकता दिवस - निष्काम सेवा का अनुपम संकल्प

एटा। प्रेम और भाईचारे की भावना को उजागर करता ‘मानव एकता दिवस’, निरंकारी मिशन द्वारा प्रति वर्ष 24 अप्रैल को बाबा गुरबचन सिंह जी की पावन स्मृति में श्रद्धा और आध्यात्मिक भावनाओं से परिपूर्ण वातावरण में एटा के अविनाशी सहाय आर्य विद्यालय में आयोजित किया गया है।जहाँ आगरा से पधारें निरंकारी संत ने कहा यह दिन केवल पुण्य स्मरण का अवसर नहीं, अपितु मानवता, सौहार्द और एकत्व की भावनाओं का एक आत्मिक संगम है।

निरंकारी संत तारा चंद्र ने बताया कि युगदृष्टा बाबा गुरबचन सिंह जी ने सत्य बोध के माध्यम से समाज को अंधविश्वासों और कुरीतियों से मुक्त कर, नशा मुक्ति, सादा विवाह और युवाओं को सकारात्मक सोच के साथ जोड़ने जैसे लोक-कल्याणकारी अभियानों की प्रेरक शुरुआत की। उनके पावन मार्गदर्शन को आगे बढ़ाते हुए बाबा हरदेव सिंह जी ने “रक्त नाड़ियों में बहे, नालियों में नहीं” का अमर संदेश देकर रक्तदान को मिशन की आध्यात्मिक सेवा का अभिन्न अंग बना दिया। यह संदेश आज भी प्रत्येक निरंकारी भक्त के हृदय में सेवा और समर्पण की प्रेरक लौ बनकर जीवंत है। सेवादल इंचार्ज प्रेम चंद्र ने जानकारी देते हुए कहा कि मानव एकता दिवस के अवसर पर मिशन द्वारा देशभर में रक्तदान की प्रेरक श्रृंखला आरंभ होती है, जो निःस्वार्थ सेवा भावना की सामूहिक जागृति का स्वरूप बनकर पूरे वर्ष समाज में प्रवाहित होती रहती है।

इसके साथ ही सत्संग कार्यक्रमों के माध्यम से प्रेम, शांति और समरसता का प्रकाश भी जन-जन तक पहुँचाया जाता है। यह दिन इस बात का परिचायक है कि सेवा केवल एक कार्य नहीं, अपितु निष्काम समर्पण का आत्मिक भाव है। इस वर्ष भी, संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन द्वारा पूरे भारतवर्ष की लगभग 500 से अधिक ब्रांचों पर भव्य रक्तदान शिविरों की अविरल शृंखला आयोजित की गई। दिल्ली स्थित ग्राउंड नंबर 8, निरंकारी चौक बुराड़ी में आयोजित हुआ रक्तदान शिविर विशेष रूप से केंद्र बिंदु रहा, जहाँ श्रद्धालु अधिक संख्या में सम्मिलित हुए। सभी ने पूर्ण उत्साह और समर्पण के साथ स्वेच्छा भाव से रक्तदान कर मानव कल्याण में अपना सहयोग दिया। संत निरंकारी हेल्थ सिटी की मेडिकल डाइरेक्टर गीतिका दुग्गल ने जानकारी देते हुए बताया कि आज सम्पूर्ण भारतवर्ष में आयोजित रक्तदान श्रृंखला में लगभग 30,000 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया, जिनमें से केवल दिल्ली शिविर में ही लगभग 1,000 यूनिट रक्तदान हुआ। यह दिवस चाचा प्रताप सिंह जी सहित उन सभी समर्पित बलिदानी संतों की पुण्य स्मृति का प्रतीक है, जिन्होंने मानव एकता, निःस्वार्थ सेवा और आध्यात्मिक चेतना के मार्ग पर चलते हुए अपना संपूर्ण जीवन अर्पित कर दिया। मानव एकता दिवस उन्हीं संतों के दृढ़ विश्वास व संकल्प की प्रेरणा को जीवंत करता है।

इन रक्तदान शिविरों में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी और दिल्ली के प्रमुख अस्पतालों जैसे एम्स (AIIMS), डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल, गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल, सफदरजंग, दीन दयाल उपाध्याय (DDU) अस्पताल, लोक नायक जय प्रकाश नारायण (LNJP) अस्पताल, हिन्दू राव अस्पताल इत्यादि की विशेषज्ञ टीमों ने भाग लिया। पूर्ण स्वास्थ्य जांच, स्वच्छता का विशेष ध्यान और रक्तदाताओं के लिए उत्तम जलपान व्यवस्था ने इस सेवा को और भी व्यवस्थित एवं सम्मानजनक बनाया। यह महाअभियान केवल रक्तदान नहीं, बल्कि सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की करुणा, सेवा और एकत्व के संदेश को जीवन में उतारने का सजीव माध्यम है जो हमें सिखाता है कि मानवता ही सर्वाेच्च धर्म है। इसी प्रेरणा से प्रेरित संत निरंकारी मिशन, सेवा और समर्पण के पथ पर निरंतर मानवता का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
SuragBureau

Surag Bureau पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और स्थानीय व राष्ट्रीय मुद्दों पर समाचार लेखन करते हैं। हमारा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना हैं।

Comments (0)

User