मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना: एटा में 1177 लाख के विकास कार्यों पर मंथन
एटा में मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना के तहत 27 विकास कार्यों की समीक्षा। जिलाधिकारी ने जनसुविधाओं और सौंदर्यीकरण पर जोर दिया।
एटा के विकास को नई गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी अरविन्द सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में नगर क्षेत्र के सर्वांगीण विकास और नागरिक सुविधाओं के विस्तार पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक का मुख्य केंद्र नगर पालिका परिषद एटा द्वारा प्रस्तुत किए गए 27 विकास कार्यों के प्रस्ताव रहे, जिन्हें पांच मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया गया है। इन कार्यों के लिए कुल 1,177.46 लाख रुपये की धनराशि का अनुमान लगाया गया है।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने प्रत्येक प्रस्ताव का बारीकी से परीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि योजना का लाभ सीधे आम नागरिकों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उन कार्यों को प्राथमिकता दी जाए जो जनोपयोगी हैं और जिनसे शहर की बुनियादी सुविधाओं में सुधार संभव है। इसके अतिरिक्त, नगर के महत्वपूर्ण स्थलों के सौंदर्यीकरण पर भी विशेष बल दिया गया। जिलाधिकारी का मानना है कि शहर के प्रमुख स्थानों का कायाकल्प न केवल स्थानीय निवासियों के लिए सुखद होगा, बल्कि यह शहर की समग्र छवि को भी बेहतर बनाएगा।
विकास कार्यों की रूपरेखा और प्राथमिकताएं
प्रस्तावित 27 विकास कार्यों का चयन करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि वे भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा कर सकें। बैठक में निम्नलिखित बिंदुओं पर व्यापक चर्चा की गई:
- जनसुविधाओं का विस्तार: उन क्षेत्रों को प्राथमिकता देना जहां नागरिक सुविधाओं का अभाव है या जहां सुधार की अत्यधिक आवश्यकता है।
- सौंदर्यीकरण: शहर के प्रवेश द्वारों, पार्कों और सार्वजनिक चौराहों का जीर्णोद्धार ताकि शहर का स्वरूप आकर्षक बन सके।
- गुणवत्ता और मानक: निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाली सामग्री और तकनीक में उच्च गुणवत्ता के मानकों का कड़ाई से पालन।
- समयबद्ध निष्पादन: सभी प्रस्तावित कार्यों को एक निश्चित समयसीमा के भीतर पूरा करने के लिए कार्ययोजना तैयार करना।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से कार्यों की निगरानी करें और सुनिश्चित करें कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप ही हों। उन्होंने यह भी कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों को लंबित न रखा जाए और उन्हें त्वरित गति से धरातल पर उतारा जाए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन संगम लाल, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता ललित अग्रवाल, नगर पालिका परिषद एटा के अधिशासी अधिकारी निहाल सिंह, जेई महेश चंद्र और निर्माण प्रभारी अंकुर शर्मा सहित संबंधित विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने जिलाधिकारी को आश्वस्त किया कि वे प्रस्तावित कार्यों को तय समयसीमा और पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराएंगे।
मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना के तहत एटा में होने वाले ये विकास कार्य शहर की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इन कार्यों के पूरा होने के बाद न केवल नागरिकों का जीवन स्तर सुधरेगा, बल्कि शहर में बेहतर बुनियादी ढांचे का निर्माण भी होगा। स्थानीय प्रशासन अब इन प्रस्तावों को अंतिम रूप देकर कार्य शुरू करने की तैयारी में है, जिससे एटा एक व्यवस्थित और आधुनिक नगर के रूप में विकसित हो सके।
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