फर्रुखाबाद: महोलिया प्राथमिक विद्यालय में औचक निरीक्षण, बदहाल व्यवस्था पर डीएम सख्त
फर्रुखाबाद के महोलिया प्राथमिक विद्यालय में डीएम के औचक निरीक्षण में भारी खामियां मिलीं। 95 में से केवल 10 छात्र उपस्थित, एमडीएम रिकॉर्ड में भी मिली गड़बड़ी।
फर्रुखाबाद के राजेपुर विकासखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय महोलिया में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर द्वारा किए गए औचक निरीक्षण ने सरकारी शिक्षण संस्थानों की जमीनी हकीकत को उजागर कर दिया है। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में शैक्षणिक वातावरण और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में गंभीर लापरवाही देखने को मिली, जिसके बाद जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
छात्र उपस्थिति और शैक्षणिक वातावरण पर सवाल
निरीक्षण के दौरान सबसे चौंकाने वाला तथ्य छात्रों की उपस्थिति को लेकर सामने आया। विद्यालय के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, कुल 95 छात्र नामांकित हैं, जबकि मौके पर मात्र 10 बच्चे ही उपस्थित पाए गए। इतनी बड़ी संख्या में बच्चों की अनुपस्थिति विद्यालय प्रशासन की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े करती है। जिलाधिकारी ने इस स्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की और स्पष्ट किया कि सरकारी स्कूलों में बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना शिक्षकों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि वे बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रेरित करें और शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए गंभीर प्रयास करें।
मध्यान्ह भोजन (एमडीएम) में मिली बड़ी अनियमितताएं
निरीक्षण के दौरान विद्यालय की एमडीएम व्यवस्था पूरी तरह से लचर पाई गई। जिलाधिकारी को मौके पर बच्चों के लिए भोजन तैयार नहीं मिला। इतना ही नहीं, जब रिकॉर्ड की जांच की गई तो 27 अगस्त का एमडीएम रजिस्टर भी उपलब्ध नहीं था, जिससे भोजन वितरण की प्रक्रिया पर संदेह उत्पन्न होता है। शासन द्वारा बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के लिए दी जा रही सुविधाओं का इस तरह से पालन न होना एक गंभीर विषय है। जिलाधिकारी ने इसे शासन के निर्देशों का उल्लंघन मानते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) को मामले की विस्तृत जांच करने और दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
शिक्षकों की तैनाती और जिम्मेदारी
विद्यालय में इंचार्ज प्रधानाध्यापक अनुराग राठौर सहित कुल तीन शिक्षकों की तैनाती है। निरीक्षण के समय प्रधानाध्यापक मौजूद थे, जबकि अन्य शिक्षक प्रशिक्षण और अवकाश पर बताए गए। जिलाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षकों को पूरी ईमानदारी और समयबद्धता के साथ अपनी सेवाएं देनी चाहिए। उन्होंने विद्यालय परिसर में साफ-सफाई, बच्चों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण और कमजोर छात्रों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
सुधार के लिए कड़े निर्देश
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिक्षा की गुणवत्ता और सरकारी सुविधाओं के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी को निम्नलिखित दिशा-निर्देश दिए हैं:
- विद्यालय की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार किया जाए।
- नियमित निरीक्षण और अनुश्रवण (Monitoring) सुनिश्चित करें।
- शिक्षकों की विद्यालय में समयबद्ध उपस्थिति अनिवार्य की जाए।
- एमडीएम वितरण और रिकॉर्ड के रखरखाव में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए।
यह औचक निरीक्षण न केवल महोलिया प्राथमिक विद्यालय के लिए एक चेतावनी है, बल्कि जिले के अन्य सरकारी विद्यालयों के लिए भी एक संदेश है कि शासन अब व्यवस्थाओं में सुधार के प्रति पूरी तरह गंभीर है। आने वाले दिनों में शिक्षा विभाग द्वारा की जाने वाली कार्रवाई यह तय करेगी कि प्राथमिक शिक्षा की स्थिति में किस हद तक सुधार आता है।
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