फर्रुखाबाद में राखी विद खाकी: पुलिस और बेटियों के बीच बढ़ा विश्वास
फर्रुखाबाद पुलिस लाइन में रक्षाबंधन पर 'राखी विद खाकी' कार्यक्रम आयोजित। छात्राओं ने पुलिस को राखी बांधकर सुरक्षा का भरोसा लिया, साथ ही साइबर सुरक्षा की सीख भी मिली।
रक्षाबंधन का पर्व भाई और बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक माना जाता है। इस पावन अवसर पर फर्रुखाबाद पुलिस लाइन में एक अनूठी और भावनात्मक तस्वीर देखने को मिली, जहां पुलिस के जवानों और स्कूली छात्राओं के बीच रिश्तों का एक नया आयाम नजर आया। 'राखी विद खाकी' नामक इस विशेष कार्यक्रम में जिले भर की छात्राओं ने पुलिस अधिकारियों की कलाई पर रक्षा-सूत्र बांधकर उनसे सुरक्षा का अटूट वादा लिया।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस लाइन का सभागार तालियों की गड़गड़ाहट और खुशियों से गूंज उठा। पुलिस अधीक्षक आरती सिंह सहित अन्य अधिकारियों की कलाई पर जब नन्हीं छात्राओं ने स्नेह का धागा बांधा, तो वहां मौजूद हर व्यक्ति भावुक हो उठा। यह केवल रस्म अदायगी नहीं थी, बल्कि समाज की बेटियों और रक्षकों के बीच एक मजबूत विश्वास की नींव थी। एसपी आरती सिंह ने छात्राओं को उपहार भेंट किए और उनके हौसले की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस हमेशा हर बेटी के साथ खड़ी है।
सुरक्षा के साथ साइबर जागरूकता का संदेश
इस आयोजन को केवल पारंपरिक उत्सव तक सीमित न रखते हुए, पुलिस ने इसे जन-जागरूकता का माध्यम भी बनाया। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को आधुनिक युग में बढ़ रहे साइबर अपराधों के प्रति सचेत किया गया। पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को साइबर सुरक्षा के गुर सिखाते हुए निम्नलिखित महत्वपूर्ण सुझाव दिए:
- किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें।
- फोन पर किसी को भी अपना ओटीपी (OTP) या बैंक पासवर्ड कभी न बताएं।
- सोशल मीडिया का उपयोग करते समय अपनी निजी जानकारी साझा न करें।
- किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं।
अधिकारियों ने समझाया कि सतर्कता ही आज के डिजिटल युग में सबसे बड़ी सुरक्षा है। छात्राओं ने भी इन बातों को ध्यान से सुना और भविष्य में खुद को और अपने परिवार को साइबर खतरों से बचाने का संकल्प लिया।
भाई-बहन के रिश्ते की मिठास
कार्यक्रम में सीओ अभय वर्मा और समाजसेवी अजय यादव समेत अन्य पुलिसकर्मियों ने भी इस स्नेह के धागे को स्वीकार किया। मिठाई खिलाकर छात्राओं ने भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की मिठास को और बढ़ा दिया। पुलिसकर्मियों ने भी बेटियों को आश्वस्त किया कि वे किसी भी आपात स्थिति में बेझिझक होकर पुलिस की मदद ले सकती हैं। खाकी वर्दी पहने इन रक्षकों ने साबित कर दिया कि वे न केवल कानून के पहरेदार हैं, बल्कि समाज की बेटियों के लिए बड़े भाई की भूमिका निभाने में भी पीछे नहीं हैं।
इस आयोजन का सबसे सुखद पहलू यह था कि पुलिस और आम जनता के बीच की दूरियां कम होती दिखीं। जब एक छात्रा ने पुलिस अधिकारी की कलाई पर राखी बांधी, तो वह पुलिस के प्रति उसके मन का भय दूर कर विश्वास में बदल गया। यह 'राखी विद खाकी' का कार्यक्रम समाज को यह संदेश देने में सफल रहा कि पुलिस और जनता का आपसी सहयोग ही सुरक्षित समाज की कुंजी है। रक्षाबंधन के इस पर्व ने फर्रुखाबाद में पुलिस के मानवीय चेहरे को एक नई पहचान दी है, जिससे बेटियों के मन में सुरक्षा का भाव और अधिक प्रबल हुआ है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)